उत्तरप्रदेशकानपुरफ्रेश न्यूज

मानव चित्त पर खास प्रभाव डालती है गीत चिकित्सा : डॉ. संगीता श्रीवास्तव

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा संगीत चिकित्सा विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन बुधवार को तीन सत्रों में आयोजित किया गया।

Story Highlights
  • संगीत विभाग में आयोजित एफडीपी का तीसरा दिवस

कानपुर,अमन यात्रा । छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा संगीत चिकित्सा विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन बुधवार को तीन सत्रों में आयोजित किया गया। इसमें मानव जीवन में संगीत का महत्व तथा संगीत चिकित्सा का विभिन्न रोगों में प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया।

डी.जी.पी.जी कॉलेज की संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने संगीत चिकित्सा के प्रयोगात्मक पक्ष से रुबरु कराते हुए संगीत के सकारात्मक पक्ष को प्रतिभागियों के समक्ष साझा किया। उन्होंने कहा कि एक संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण में संगीत की अहम भूमिका होती है। यह एक ऐसी विधा है जो मानव के चित्त पर खास प्रभाव डालती है, जिससे मानव चित्त प्रफुल्लित हो उठता है। दूसरे सत्र में प्रो. लावण्या कीर्ति सिंह ने विभिन्न रोगों पर संगीत के रागों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए लोकगीतों और लोक शैली पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि संगीत चिकित्सा में प्रमाणिकता होना अति आवश्यक है, जिससे रोगियों में मानसिक रूप से इसके लिए विश्वास में प्रगति हो सके।

तीसरे सत्र में संगीत चिकित्सक डॉ. रुचि श्रीवास्तव ने डिप्रेशन, पाचन, अनिद्रा, क्रोध, याददाश्त कमजोर होना जैसी बीमारियों में संगीत चिकित्सा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संगीत शिक्षा की अनिवार्यता हर एक मानव के लिए महत्वपूर्ण है। संगीत के सात सुर मानव शरीर के सात चक्र मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा और सहस्त्र चक्र को सुचारु रखने में मदद करते है। समन्वयक डॉ. ऋचा मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन और आफलाइन माध्यम से आयोजित होने वाली इस एफडीपी में तीन सत्रों में व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रेरणा से आयोजित यह एफडीपी संगीत को जीवन और स्वास्थ्य के एक अंग के रूप में स्थापित करने की एक पहल के तौर पर है।

aman yatra
Author: aman yatra

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AD
Back to top button