वाह बिटिया! बिना कोचिंग के कृतिका मिश्रा ने गाड़ा सफलता का झंडा, दूसरे प्रयास में क्वालीफाई की UGC NET (असिस्टेंट प्रोफेसर) परीक्षा
पिता विनोद मिश्रा और माता कंचन मिश्रा की लाड़ली ने बढ़ाया जिले का मान; अब जेआरएफ (JRF) फतेह करने का है अगला लक्ष्य

कानपुर देहात। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो बिना किसी महँगी कोचिंग के भी दुनिया फतह की जा सकती है। जनपद की होनहार बिटिया कृतिका मिश्रा ने इस बात को सच कर दिखाया है। कृतिका ने अपने दूसरे ही प्रयास में यूजीसी नेट (UGC NET) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा को ‘असिस्टेंट प्रोफेसर’ श्रेणी में पास कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।
कठिन परिश्रम और स्व-अध्ययन का दिखा कमाल
कृतिका की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसके लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। दिन-रात एक कर खुद के बनाए नोट्स और ‘सेल्फ स्टडी’ के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। बता दें कि इससे पहले जून 2025 में भी कृतिका ने ‘ओनली पीएचडी’ श्रेणी में नेट पास किया था, लेकिन वो वहीं नहीं रुकीं। उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और इस बार सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए क्वालीफाई कर अपनी सफलता की ऊंचाई और बढ़ा दी।
परिवार का सहयोग और एमबीए की पढ़ाई
वर्तमान में कृतिका छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट’ से एमबीए (फाइनेंस) द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। अपनी इस कामयाबी का श्रेय उन्होंने माता कंचन मिश्रा और पिता विनोद कुमार मिश्रा को दिया है, जो उनके सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे। साथ ही भाई-बहनों के सपोर्ट ने उन्हें हर मुश्किल मोड़ पर मानसिक रूप से मजबूत रखा।
बधाइयों का लगा ताँता, जेआरएफ पर है अगली नजर
बिटिया की इस उपलब्धि पर डॉ. पुष्पा शर्मा, मुकेश पुरवार, सुनील पांडेय, कविता सिंह, अर्चना पुरवार और संध्या पाण्डेय सहित पूरे क्षेत्र ने खुशी जाहिर की है और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। कृतिका ने बताया कि अब उनका अगला निशाना ‘जेआरएफ’ (JRF) क्वालीफाई कर शोध के क्षेत्र में जिले और परिवार का नाम रोशन करना है।



