मूसलाधार बारिश से किसानों की फैसले चौपट, क्या बीमा कंपनी फसलों की भरपाई कर पाएगी
क्षेत्र में हुई अक्टूबर माह में मूसलाधार बारिश होने से किसानों की धान की फसल चौपट हो गई है। अनवरत किसानों के ऊपर दैवीय समस्या आने से किसान पूरी तरीके से टूट कर अधमरा सा प्रतीत हो रहा है

रसूलाबाद। क्षेत्र में हुई अक्टूबर माह में मूसलाधार बारिश होने से किसानों की धान की फसल चौपट हो गई है। अनवरत किसानों के ऊपर दैवीय समस्या आने से किसान पूरी तरीके से टूट कर अधमरा सा प्रतीत हो रहा है वहीं किसानों की फसल की भरपाई कर पाना बीमा कंपनी के लिए सुलभ होगा या महज खानापूर्ति ही होगी।
जनपद,कानपुर देहात। रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में गुरुवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है जहां किसानों की फसलें काटने की कगार पर थी वहीं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते किसानों की तैयार पकी खड़ी फसल चौपट हो गई है। इस दैवीय आयदा से किसानों के साथ एक और बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। समस्याओं से घिरे किसानों के ऊपर प्रकृति ने बेमौसम बारिश करके एक और गम्भीर समस्या खड़ी कर दी जिससे किसानों की कमर टूट गई है और उसके चेहरे पर मायूसी छाई दिखाई पड़ रही है। वहीं किसानों के केसीसी से बीमा के नाम पर पैसा काटने वाली बीमा कंपनिया अब किसानों की फसलों में हुये नुकसान की भरपाई सुलभता से कर पाएगी या ऐसे ही खाना पूर्ति करेगी यह एक बड़ा सवाल है कि अगर बीमा कंपनियों ने इस दैवीय आपदा के समय किसानों की मदद नहीं की तो किसान बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि फसल लगाते समय किसानों ने खाद और पानी की मार झेलकर किसी तरह फसल तैयार कर पाई और जब फसल तैयार हुई तो बारिश की मार झेलकर किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है।



