उत्तरप्रदेश

सर्पदंश से होने वाली घटनाओं के दृष्टिगत जनपदवासियों के लिए जारी दिशा निर्देश “क्या करें क्या न करें”

जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केशव नाथ गुप्ता ने बताया कि इन दिनों बरसात का मौसम शरू हो गया है। करीब आगामी दो माह तक बारिश रहेगी। बारिश के कारण सॉप अपने बिल से बाहर निकलकर रहने के लिए सुरक्षित स्थान दूढ़ने के साथ ही घरों तक पहुंच जाते है।

कानपुर देहात। जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केशव नाथ गुप्ता ने बताया कि इन दिनों बरसात का मौसम शरू हो गया है। करीब आगामी दो माह तक बारिश रहेगी। बारिश के कारण सॉप अपने बिल से बाहर निकलकर रहने के लिए सुरक्षित स्थान दूढ़ने के साथ ही घरों तक पहुंच जाते है। बारिश में सर्पदंश की घटनायें ज्यादा होते है। यदि समस्त जनपदवासी बारिश के दिनों में थोड़ी सी सावधानी बरते तो सर्पदंश की घटना को न्यून किया जा सकता है।

क्या करें-

  1. सर्पदंश होने पर घबरायें नहीं।
  2. मरीज का हौसला बढ़ायें।
  3. सर्पदंश वाले स्थान को साफ पानी से धोए।
  4. पीडित को यथासंभव स्थिर रखने का प्रयास करें।
  5. सर्पदंश वाले स्थान से ऊपर प‌ट्टी ऐसे बांधे की मरीज का रक्त प्रवाह न रूकें।
  6. अपने निकटतम अस्पताल जाकर स्नैक एर्टीवेनम इन्जेक्शन लगवायें।
  7. पीडित के शरीर से कसा वस्तु (घडी, चैन, अंगूठिया) पहन रखी है तो निकाल दें।

क्या न करें-

  1. सर्पदंश होने पर किसी तांत्रिक के पास न जायें।
  2. सर्पदंश वाले स्थान पर ब्लेड या धारदार वस्तु से चीरा न लगायें।
  3. सर्पदंश वाले स्थान से मुँह से जहर निकालने का प्रयास न करें।
  4. पीडित को सोने न दें।

लक्षण-

  1. सर्पदंश वाले स्थान पर जलन के साथ-साथ दर्द होना।
  2. रक्त का थक्का जमना।
  3. काटे गये स्थान पर सूजन होना।

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