तानाशाही से मुक्ति पाने के लिए BSP को सत्ता में लाएं : मायावती
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) को लेकर एक तरफ जहां दूसरे चरण का चुनाव प्रचार थम गया है. तो वहीं तीसरे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दिग्गजों की रैलियां शुरू भी हो चुकी है.

औरैया,अमन यात्रा : उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) को लेकर एक तरफ जहां दूसरे चरण का चुनाव प्रचार थम गया है. तो वहीं तीसरे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दिग्गजों की रैलियां शुरू भी हो चुकी है. इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) औरैया जिले की विधूना विधानसभा क्षेत्र के बेला कस्बे में जनसभा करने पहुंची. जहां करीब 50 हजार की संख्या में लोग पहुंचे. बता दें कि साल 2012 के बाद औरैया में मायावती की ये पहली रैली है.
वहीं रैली को संबोधित करते हो बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी के तानाशाही शासन से मुक्ति पाने के लिए बसपा को वोट दें. कांग्रेस, सपा और बीजेपी को वोट ना देकर आप सभी लोग बसपा को वोट दें. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ज्यादातर देश मे कांग्रेस की सरकार रही और वो गलत नीतियों की वजह से सत्ता से बाहर हुई. कांग्रेस जातिवादी पार्टी है बाबा साहब को कांग्रेस ने भारत रत्न से भी सम्मानित नहीं किया. कांग्रेस ने मंडल कमीशन भी नहीं लागू किया. कांग्रेस के जब अच्छे दिन होते हैं तब वो दलितों और पिछड़ों का कल्याण भूल जाती है.
वहीं सपा और बीजेपी की सरकारों में भी जनता दुखी रही. विकास एक खास समुदाय तक सिमट गया था. सपा के शासन में गुंडों, माफियाओं और दंगाइयों का राज रहा है. सपा ने बसपा के महापुरुषों के नाम पर बने जिलों के नाम बदल दिए. अखिलेश यादव के सपा सरकार में SC- ST का आरक्षण भी खत्म कर दिया गया. सपा सरकार में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के अधिकारियों का डिमोशन किया गया. सरकारी भूमि के आवंटन में दलितों का कोटा खत्म किया. सपा पर ये सभी आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सपा को किसी भी कीमत पर सत्ता में नहीं आने देना है.
वहीं बीजेपी पर बात करते हुए मायावती ने कहा कि मैंने सोचा था कि सपा द्वारा दलितों के खिलाफ लिए गए निर्णयों को बीजेपी बदलेगी, लेकिन जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी बीजेपी ने भी ऐसा नहीं किया. इसलिए प्रदेश में अपराध बढ़ा. भाजपा शासन में दलित, अल्पसंख्यक और महिलाएं सुरक्षित नहीं है. बीजेपी शासन में दलितों और अल्पसंख्यकों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. बीजेपी शासन में ब्राह्मण समाज और मुस्लिम उपेक्षित रहा. गरीबी मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ी है. डीजल-पेट्रोल के दाम बेतहाशा बढ़े है. इसलिए सभी लोग बिना पक्षपात और भेदभाव रहित काम करने के लिए बसपा की सरकार बनाएं.
उन्होंने आगे कहा कि नई पेंशन नीति से हम सहमत नहीं है, बसपा कहने में नहीं बल्कि करने में विश्वास करती है. सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के लिए बसपा की सरकार बनानी है. महिलाएं भी वोट देने जाएं. अन्याय, भय और भ्रष्टाचार मुक्त शासन को साकार करने लिए पोलिंग बूथ पर जाकर अपना वोट डाले और बसपा को सत्ता में लाना है.
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