भगत सिंह हाउस ने जीता वॉलीबॉल इंट्राम्यूरल चैंपियनशिप का खिताब
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित एकलव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत वॉलीबॉल इंट्राम्यूरल प्रतियोगिता 2025 का सफल आयोजन किया

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित एकलव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत वॉलीबॉल इंट्राम्यूरल प्रतियोगिता 2025 का सफल आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति माननीय प्रो. विनय कुमार पाठक जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. प्रीति पाण्डेय (एस.एन. सेन कॉलेज), विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव, क्रीड़ा सचिव निमिषा सिंह कुशवाहा एवं इंट्राम्यूरल सचिव श्री अभिषेक मिश्रा ने फीता काटकर एवं खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।
चारों हॉउस — भगत सिंह, महाराणा प्रताप, शिवाजी एवं आज़ाद — के मध्य खेले गए इस टूर्नामेंट में कुल 141 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। रोमांचक मुकाबलों के बीच भगत सिंह हाउस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाराणा प्रताप हाउस को फाइनल में 2-1 से पराजित कर वॉलीबॉल इंट्राम्यूरल चैंपियनशिप 2025 का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे —
सेमीफाइनल-1: महाराणा प्रताप हाउस ने शिवाजी हाउस को 2-0 से हराया।
सेमीफाइनल-2: भगत सिंह हाउस ने आज़ाद हाउस को 2-0 से मात दी।
फाइनल: भगत सिंह हाउस ने महाराणा प्रताप हाउस को 2-1 से हराकर चैंपियनशिप जीती।
विशेष पुरस्कार विजेता —
सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (महिला/पुरुष): प्रशंसा (महाराणा प्रताप हाउस), रोहित यादव (महाराणा प्रताप हाउस)
बेस्ट लिब्रो: डिकेश कुमार (महाराणा प्रताप हाउस)
बेस्ट अटैकर: राहुल मुंडा (भगत सिंह हाउस)
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (महिला/पुरुष): तान्या एवं आदित्य जैसवाल (दोनों भगत सिंह हाउस)
समापन समारोह में विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव एवं क्रीड़ा सचिव निमिषा सिंह कुशवाहा ने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. प्रभाकर पांडे, श्री अभिषेक मिश्रा, श्री सौरभ तिवारी, श्री अश्वनी मिश्रा, श्री मोहित तिवारी, श्री राहुल दीक्षित, श्री धर्मेंद्र चौहान एवं श्री शुभम हजारिया सहित अन्य शिक्षक एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
विभाग द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में खेल भावना, टीम स्पिरिट एवं शारीरिक दक्षता को प्रोत्साहित करने का उत्कृष्ट प्रयास साबित हुई।



