डॉक्टर नदारद, अप्रशिक्षित महिला कर्मी कर रही थी मरीजों का इलाज: रनियां के वन्दना नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, 3 दिन का नोटिस
सीएमओ कार्यालय के नोडल अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, गंदगी और बायोमेडिकल वेस्ट में लापरवाही पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी
कानपुर देहात। जनपद में बिना मानकों के संचालित निजी अस्पतालों और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। vandana nursing home raniya kanpur dehat के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की जांच टीम ने रनियां स्थित वन्दना नर्सिंग होम पर औचक छापेमारी कर कड़ा शिकंजा कसा है। नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम पंजीकरण एवं झोलाछाप) द्वारा अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर, अप्रशिक्षित कर्मी करती मिली इलाज
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब रनियां स्थित वन्दना नर्सिंग होम पहुंची, तो वहां की बदहाली और नियमों की अनदेखी देखकर अधिकारी दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई भी पंजीकृत एवं डिग्रीधारक चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मौके पर एक अप्रशिक्षित महिला कर्मी मरीजों का उपचार करती पाई गई। बिना किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख के मरीजों का इलाज किया जाना उनकी जान के साथ खुला खिलवाड़ माना गया।
बायोमेडिकल वेस्ट नियमों की उड़ी धज्जियां, टायलेट में मिली भारी गंदगी
जांच टीम को अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण का रखरखाव पूरी तरह नियमों के विपरीत मिला। मानकों के अनुसार लगाए जाने वाले कलर कोडेड डस्टबिन भी अस्पताल में नदारद थे। इसके अलावा टायलेट, वार्ड और अस्पताल परिसर में भारी गंदगी व साफ-सफाई का घोर अभाव देखा गया, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ था।
3 दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर निरस्त होगा पंजीकरण
नोडल अधिकारी ने अस्पताल संचालक को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के 3 दिन के भीतर समस्त खामियों और अनुपस्थित चिकित्सकों के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि तय समय सीमा में उचित जवाब नहीं दिया गया, तो अधिनियम के तहत नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त करने की विधिक कार्रवाई की जाएगी। vandana nursing home raniya kanpur dehat के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य मानकविहीन निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है।



