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आरटीई में दाखिला न देने वाले 22 बड़े प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज: डीएम महेंद्र सिंह तंवर का अल्टीमेटम, 3 दिन में प्रवेश न दिया तो छिनेगी मान्यता

कानपुर नगर के नामचीन स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश पर अड़ंगा, डीएम ने बीएसए को दिए मान्यता निरस्तीकरण की विधिक कार्रवाई के सख्त निर्देश

कानपुर नगर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित निर्धन व वंचित वर्ग के बच्चों को अपने संस्थानों में दाखिला देने में आनाकानी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। kanpur dm rte admission private schools के अंतर्गत जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने समीक्षा बैठक के दौरान शहर के 22 नामचीन निजी विद्यालयों को अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि यदि निर्धारित तीन दिनों के भीतर आरटीई के तहत आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्तीकरण (मान्यता प्रत्याहरण) की विधिक प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।

समीक्षा में खुली पोल, 22 स्कूलों में अटका मिला आरटीई दाखिला

गुरुवार 22 अक्टूबर 2026 को बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों और शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत आरटीई दाखिलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि शहरी क्षेत्र में संचालित 22 प्रतिष्ठित विद्यालयों ने शासन द्वारा आवंटित बच्चों को अब तक पूर्ण रूप से प्रवेश नहीं दिया है। आवंटन के बावजूद प्रवेश लटकाए रखने से न केवल नौनिहालों का भविष्य अधर में लटका है, बल्कि अभिभावकों को भी स्कूल प्रबंधन की मनमानी के चलते भारी मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को सीधे निर्देश दिए कि वे इन सभी 22 विद्यालयों पर कड़ी निगरानी रखें और तीन दिन के अंदर लंबित दाखिले पूर्ण कराएं।

शिक्षा का अधिकार कानूनी दायित्व, प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट किया कि आरटीई के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना निजी विद्यालयों का वैधानिक दायित्व है। किसी भी विद्यालय प्रबंधन की मनमानी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया कि आवंटित सीटों के सापेक्ष वास्तविक प्रवेश की बिंदुवार समीक्षा की जाए। तीन दिन की मियाद पूरी होने के बाद भी यदि कोई विद्यालय प्रवेश में आनाकानी करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई और मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए।

इन 22 प्रमुख विद्यालयों की सूची में शत-प्रतिशत प्रवेश नहीं मिला

प्रशासनिक समीक्षा के दौरान जिन प्रमुख 22 विद्यालयों में आरटीई के तहत शत-प्रतिशत प्रवेश अधूरा पाया गया, उनमें: डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल सिविल लाइन्स डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल कल्याणपुर डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल गोविंद नगर डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर एन-ब्लॉक किदवई नगर डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल एच-ब्लॉक किदवई नगर डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर श्याम नगर डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर जाजमऊ चिंटल्स पब्लिक स्कूल रतनलाल नगर नर्चर इंटरनेशनल स्कूल कल्याणपुर वेंडी पब्लिक स्कूल नारामऊ एन.एल.के. वेंडी स्कूल खलासी लाइन एन.एल.के. पब्लिक स्कूल नवाबगंज एलनहाउस पब्लिक स्कूल खलासी लाइन एलनहाउस पब्लिक स्कूल रूमा सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल कैंट डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल किदवई नगर डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल मर्दनपुर बर्रा डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल आजाद नगर डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल सर्वोदय नगर जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल मैनावती मार्ग यूनाइटेड पब्लिक स्कूल सिविल लाइन्स कैम्ब्रिज हाई स्कूल सिविल लाइन्स शामिल हैं।

kanpur dm rte admission private schools के इस कड़े आदेश के बाद निजी स्कूल प्रबंधनों में हड़कंप मच गया है, वहीं आरटीई के तहत चयनित बच्चों के अभिभावकों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।


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