एआई से फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बनने वाला शातिर गिरफ्तार: अकबरपुर पुलिस ने खोला 4-4 लाख की ठगी का राज
लखीमपुर खीरी निवासी अभिषेक शर्मा किराए के मकान से चला रहा था फर्जीवाड़ा, लैपटॉप, मुहरें और जाली दस्तावेज बरामद

कानपुर देहात। प्रदेश में अपराध नियंत्रण और फर्जीवाड़ा कर युवाओं को ठगने वाले गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अकबरपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। akbarpur police arrested fake appointment letter accused के अंतर्गत पुलिस टीम ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटचरित दस्तावेज तैयार करने वाले एक अंतरजनपदीय शातिर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर फर्जी आदेश, नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र तैयार करता था और खुद को उत्तर प्रदेश सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बताकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठता था।
किराए के मकान में रहकर चला रहा था ठगी का नेटवर्क
अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी कानपुर रेंज यमुना प्रसाद के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एएसपी आलोक प्रसाद के निर्देशन व सीओ अकबरपुर संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में अकबरपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने 23 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे टकटौली रोड नई बस्ती कस्बा अकबरपुर में दबिश देकर अभियुक्त अभिषेक शर्मा पुत्र संजय शर्मा उर्फ सूरज शर्मा (उम्र करीब 24 वर्ष) निवासी ग्राम इन्द्रानगर, थाना पढुआ, जनपद लखीमपुर खीरी को गिरफ्तार किया। अभियुक्त यहां अंकित सचान के मकान में किराए पर रहकर पूरा नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 425/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352, 351(3) बीएनएस 2023 के तहत अभियोग दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में हुआ एआई तकनीक और कोडवर्ड के खेल का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक शर्मा ने बताया कि उसने एआई टूल्स की मदद से अपना एक फर्जी पहचान पत्र तैयार किया था, जिसमें उसने फर्जी पता दर्ज कराया था। वह खुद को सचिवालय का डिप्टी डायरेक्टर बताकर बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेता था और प्रति अभ्यर्थी करीब 4 लाख रुपये वसूलता था। उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी निवासी वरुण उर्फ नमपुरी उर्फ उमेश वर्मा और देवनारायण मिश्रा के साथ मिलकर यह खेल करता था। सारी सरकारी मुहरें इन्हीं साथियों ने तैयार करवाकर दी थीं। अभ्यर्थियों से पैसे जुटाने के बाद जब दस्तावेज तैयार हो जाते थे, तो वह देवनारायण के बैंक खाते में कोडवर्ड के रूप में 500 रुपये ट्रांसफर करता था। खाता में 500 रुपये पहुंचते ही गिरोह के सदस्य समझ जाते थे कि काम तैयार है और फिर वे लखनऊ से आकर पैसे व दस्तावेज ले जाते थे। वह एआई से तैयार आदेश व नियुक्ति पत्र प्रिंट करवाकर स्पीड पोस्ट या व्यक्तिगत रूप से अभ्यर्थियों को थमा देता था।
लैपटॉप, जाली मुहरें, 18 फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज बरामद
पुलिस ने अभियुक्त के पास से 18 अदद जाली नियुक्ति पत्र, 18 अदद जाली आदेश, 12 अदद जाली नोटिस, 33 पीले लिफाफे, एक एसर कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन, नेम प्लेट, 4 अदद फर्जी मुहर सेट, 12 भरे हुए फॉर्म सेट, स्पीड पोस्ट रसीदें तथा उसके शैक्षणिक व पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी पिछले दो वर्षों से इस गोरखधंधे में लिप्त था। akbarpur police arrested fake appointment letter accused के तहत पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार साथियों की तलाश कर रही है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली टीम में जैनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नर सिंह, हेड कांस्टेबल 317 महेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल 1306 अंकित शर्मा शामिल रहे।



