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मेरा कोई अपहरण नहीं हुआ, माता-पिता ने प्रधान को फंसाया: एसपी ऑफिस पहुंची युवती ने किए सनसनीखेज खुलासे, रेप केस में भी नया मोड़

अधिवक्ता पर रेप केस दर्ज कराने वाली युवती अचानक पुलिस दफ्तर पहुंची, माता-पिता पर पैसे लेकर झूठा मुकदमा लिखाने का लगाया आरोप

ब्रजेन्द्र तिवारी, कानपुर देहात। जिले में दुष्कर्म और उसके बाद युवती के कथित अपहरण के चर्चित प्रकरण में बुधवार को उस समय एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ आ गया, जब कथित रूप से अगवा बताई जा रही युवती खुद चलकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई। kanpur dehat rape victim denies kidnapping sp office के तहत बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी ऑफिस पहुंची युवती ने स्पष्ट किया कि उसका किसी ने कोई अपहरण नहीं किया है। वह पूरी तरह सुरक्षित है और अपनी मर्जी से अकबरपुर कस्बे में किराए का कमरा लेकर रह रही है। युवती के इस बयान के बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

माता-पिता पर लगाए गंभीर आरोप, प्रधान को फंसाने की आशंका

एसपी कार्यालय में मीडिया और पुलिस अधिकारियों के सामने युवती ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए। युवती का कहना है कि उसने पूर्व में एक अधिवक्ता आशीष शुक्ला के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि उसके माता-पिता इस कानूनी कार्रवाई के पूरी तरह खिलाफ थे और चाहते थे कि वह इस मामले में चुप रहे व कोई आवाज न उठाए। युवती ने अंदेशा जताया कि उसके माता-पिता ने कथित रूप से लेन-देन के चलते ग्राम प्रधान दिलीप शंकर दिवाकर को अपहरण के झूठे मामले में फंसाया है। हालांकि, युवती द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पिता ने 24 अक्टूबर को दर्ज कराया था ग्राम प्रधान पर अपहरण का केस

उल्लेखनीय है कि युवती के पिता की लिखित तहरीर पर बीते 24 अक्टूबर 2026 को थाना बरौर में ग्राम प्रधान दिलीप शंकर दिवाकर के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पिता का आरोप था कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे ग्राम प्रधान जबरन उनकी बेटी को घर से उठा ले गया और विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पिता की इस शिकायत के बाद से पुलिस लगातार युवती की तलाश में जुटी हुई थी।

रेप के आरोपी की गिरफ्तारी न होने से जान को बताया खतरा

युवती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसका कहना है कि अधिवक्ता के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार उसका पीछा कर रहा है, जिससे उसकी जान को गहरा खतरा बना हुआ है। पीड़िता के मुताबिक वह इस संबंध में उच्चाधिकारियों व डीआईजी से भी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा चुकी है। एक ही मामले में दुष्कर्म का आरोप, पिता द्वारा प्रधान पर अपहरण की एफआईआर और अब खुद युवती द्वारा परिवार के खिलाफ बयानबाजी ने पुलिस के सामने कई पेचीदा सवाल खड़े कर दिए हैं।

बयान दर्ज कर होगी अग्रिम विधिक कार्रवाई: थाना प्रभारी थाना

प्रभारी बरौर सोमवीर ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि युवती के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अपहरण की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। अब जबकि युवती स्वयं सामने आई है और उसने पिता के आरोपों को गलत बताया है, तो उसके विधिवत मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए जाएंगे। बयानों और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही निष्पक्ष रूप से अग्रिम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। kanpur dehat rape victim denies kidnapping sp office के इस पूरे घटनाक्रम ने जिले भर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।


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