कानपुर देहात: DM ने की जिला स्तरीय समन्वय व अनुश्रवण समिति की बैठक, पढ़े विस्तृत रिपोर्ट
आम, अमरूद और नींबू के नए बगीचों के लिए 3 हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य निर्धारित।

कानपुर देहात: जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना वर्ष 2025-26 तथा एकीकृत बागवानी विकास मिशन से संबंधित प्रस्तावों पर जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक मुक्तेश्वरी सभागार, माती, कानपुर देहात में आयोजित की गई। बैठक में औद्यानिक खेती को प्रोत्साहन, किसानों की आय वृद्धि तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला उद्यान अधिकारी डॉ० बल्देव प्रसाद ने मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवीन उद्यान रोपण (नींबू, अमरूद, आम) 03 हे०, मसाला क्षेत्र विस्तार 08 हे०, संकर सब्जी खेती (भिंडी, तरोई, लौकी, करेला) 50 हे०, एचडीपी वर्मीबेड 08 इकाई, घेराबंदी 1800 वर्गमीटर, प्लास्टिक मल्चिंग 08 इकाई, लो-कास्ट मशरूम उत्पादन इकाई 01, औषधीय फसलें (सतावर, सफेद मूसली) 05 हे० तथा मौनपालन कार्यक्रम के अंतर्गत 404 इकाइयों के लिए कुल 28.60 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित है।
इस पर जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत अतिरिक्त प्रस्तावों के अनुमोदन पर भी विचार-विमर्श किया गया। पालीहाउस (3000 वर्गमीटर), फैनपैड सिस्टम (1200 वर्गमीटर), पावर ट्रिलर (8 बीएचपी से कम) 01 इकाई, पावर ट्रिलर (8 बीएचपी) तथा 200 वर्गफुट की 02 लो-कास्ट मशरूम उत्पादन इकाइयों के प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजनाओं के माध्यम से लगभग 375 कृषक लाभान्वित होंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचे तथा अधिक से अधिक किसानों को जागरूक कर जोड़ा जाए। उन्होंने विशेष रूप से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए आरसेटी, कानपुर देहात के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए, ताकि कृषक अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित कर सकें। बैठक में विधान जायसवाल (मुख्य विकास अधिकारी), डॉ० अरूण कुमार सिंह (उद्यान वैज्ञानिक, केवीके दलीप नगर), राहुल यादव (प्रबंधक नाबार्ड), प्रदीप कुमार वर्मा (सहायक कोषाधिकारी), राकेश कुमार (प्रबंधक लीड बैंक), अरूण कुमार (मंडी सचिव पुखरायां) सहित प्रगतिशील कृषक बाबूलाल निषाद (ग्राम निर्टरा), अखिलेश कुमार (ग्राम रसधान), अनुपम देवी (माँ भगवती स्वयं सहायता समूह, जलालपुर मुरलीपुर) एवं जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति के समस्त सदस्यों ने सहभागिता की।
जिलाधिकारी ने अंत में निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करें, जिससे जनपद में बागवानी एवं औद्यानिक खेती को नई गति मिले और किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
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