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लखीमपुर खीरी कांड के मुख्‍य आरोपित आशीष मिश्र की जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट ने की खारिज

लखीमपुर खीरी कांड के मुख्‍य आरोपित केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट से खारिज हो गई है। बताया जा रहा है कि अब आशीष मिश्र के वकील जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी डालने की तैयारी कर रहे हैं। एसआइटी आशीष मिश्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

लखनऊ, अमन यात्रा । लखीमपुर खीरी कांड के मुख्‍य आरोपित केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट से खारिज हो गई है। बताया जा रहा है कि अब आशीष मिश्र के वकील जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी डालने की तैयारी कर रहे हैं। एसआइटी आशीष मिश्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

लखीमपुर खीरी जिले में तीन अक्‍टूबर को हिंसक झड़प में चार किसान, एक पत्रकार और भाजपा कार्यकर्ताओं सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। आशीष मिश्र इस मामले में मुख्‍य आरोपी है। आरोप है कि जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया था वह आशीष मिश्र ही चला रहे थे। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीतिक गर्म हो गई। आशीष मिश्र को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया और शनिवार की देर रात गिरफ्तार किया गया था।

लखीमपुर खीरी कांड के मुख्‍य आरोपित आशीष मिश्र को पूछताछ के लिए एसआइटी ने रिमांड पर लिया है। एसआइटी ने आशीष की 14 दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की है। बुधवार को उनकी रिमांड का दूसरा दिन था। इस बीच आशीष का परिवार और उनके वकील जमानत के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वकीलों ने सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी जिसे बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब वकील जिला जज की अदालत में अर्जी लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी कांड में बुधवार को एक और गिरफ्तारी की गई है। एसआइटी ने लखनऊ के कांट्रैक्टर अंकित दास को उनके निजी सुरक्षाकर्मी लतीफ के साथ गिरफ्तार कर लिया है। लखीमपुर खीरी कांड में वायरल हुए कई वीडियो में अंदेशा जताया जा रहा था कि उस काफिले में अंकित दास भी मौजूद थे, जिन कारों से किसानों को रौंदा गया था। लखीमपुर खीरी कांड में अब तक केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी इस मामले में करीब आधा दर्जन और लोगों की गिरफ्तार होना बाकी है।

एसआइटी की कानूनी मदद के लिए शासन से भेजे गए अपर निदेशक : लखीमपुर खीरी कांड में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने के लिए अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव को एसआइटी की कानूनी मदद के लिए भेजा गया है। अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव 2005 में लखीमपुर में अभियोजन अधिकारी के पद पर तैनात थे। चर्चित मंजूनाथ हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर के मुकदमे में पैरवी कर अभियुक्तों को सजा दिलाई थी। अभियोजन विभाग ने राजेश श्रीवास्तव को लखीमपुर खीरी कांड में अभियोजन पक्ष से पैरवी करने के लिए भेजा गया है। अपर निदेशक एसआइटी को विवेचना से जुड़े हर कानूनी पहलू को बड़ी बारीकी के साथ कानूनी राय दे रहे हैं। कोर्ट में तैनात वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव व अपर निदेशक मुकदमे हर कानूनी पहलू पर नजर रखे हुए हैं और न्यायिक रिमांड से लेकर पुलिस कस्टडी रिमांड तक बराबर पैरवी में डटे हैं। वर्तमान में राजेश श्रीवास्तव अपर निदेशक अभियोजन के पद पर प्रयागराज रेंज में तैनात हैं।

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Author: pranjal sachan

कानपुर ब्यूरो चीफ अमन यात्रा


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