भक्ति काव्य
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गीत
कान्हा की मुरली की तान और मनमोहक बाल लीलाएं, आल्हा तर्ज पर पढ़िए यह भक्तिमय रचना
मनमोहन की मधुर मुरलिया, सुनि-सुनि गैया रही रंभाय। श्याम-बरण प्रभु रूप मोहिनी, मैया देखि-देखि मुस्काय॥ ग्वालन संग गइयन के पीछे,…
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मनमोहन की मधुर मुरलिया, सुनि-सुनि गैया रही रंभाय। श्याम-बरण प्रभु रूप मोहिनी, मैया देखि-देखि मुस्काय॥ ग्वालन संग गइयन के पीछे,…
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