15,000 के इनामी साइबर अपराधी को दबोचा: सरकारी आवास और अश्लील फिल्म की धमकी देकर करता था फ्रॉड
एसओजी, साइबर क्राइम और अकबरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, फरार वीरेन्द्र सिंह गिरफ्तार; कई फर्जी दस्तावेज बरामद

कानपुर देहात: कानपुर देहात पुलिस ने साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, एसओजी टीम, थाना साइबर क्राइम और थाना अकबरपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ₹15,000 के इनामी फरार साइबर अपराधी वीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह अपराधी लोगों से सरकारी आवास दिलाने का झांसा देकर और उन्हें धमकाकर धोखाधड़ी करता था।
साइबर कैफे से आया था फ्रॉड का पैसा
यह मामला तब सामने आया जब अकबरपुर निवासी शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वीरेन्द्र सिंह और उसके चार साथियों ने उनके साइबर कैफे पर विभिन्न लोगों से फ्रॉड किए गए पैसे यूपीआई के माध्यम से डलवाकर नगद ले लिए थे। कुछ दिनों बाद जब जितेन्द्र कुमार का बैंक खाता ब्लॉक/फ्रीज हुआ, तब उन्हें पता चला कि उनके खाते में धोखाधड़ी का पैसा आया था।
इस संबंध में थाना साइबर क्राइम पर धारा 318(4)/308(5)/351(2)(3) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मामले में पहले ही अखिलेश सिंह चौहान, अनुज सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह और मदरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन वीरेन्द्र सिंह फरार चल रहा था।
धमकी देकर हड़पता था पैसा
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने वीरेन्द्र सिंह पुत्र कुंवर सिंह निवासी बलरामपुर कंचौसी, मंगलपुर को अपराध कारित करने वाली सामग्री के साथ दबोच लिया। पूछताछ में अभियुक्त वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि वह अपने सहयोगी मानसिंह (जिस पर विधिक कार्यवाही प्रचलित है) के कहने पर ग्राहकों को फंसाता था।
गिरोह सरकारी आवास आवंटित करने के नाम पर पैसे लेता था और लोगों को अश्लील फिल्म देखने का अपराध कारित करने की धमकी देकर धोखाधड़ी कर पैसा हड़पने का कार्य करता था। वे प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड बदलकर और डिवाइस बदलकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करते थे।
बरामदगी और आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से दो वीवो कंपनी के मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, छह आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड और छह सिम कार्ड रैपर बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त वीरेन्द्र सिंह का मंगलपुर थाने में पूर्व में भी कई आपराधिक इतिहास दर्ज है, जिनमें मारपीट और विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे शामिल हैं। गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।



