कानपुर देहात: मावर में पानी की टंकी का खेल देख भड़के सीडीओ, जल निगम को दिया अल्टीमेटम
449 घरों का था लक्ष्य, कनेक्शन हुए सिर्फ 306; विधान जायसवाल ने मांगी रिपोर्ट

- दोपहर में पानी सप्लाई पर सीडीओ सख्त, बोले- शाम को ही बुझनी चाहिए प्यास
- पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों का होगा कायाकल्प, गुणवत्ता में लापरवाही पर नपेंगे अफसर
कानपुर देहात के मलासा विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मावर में पेयजल संकट की शिकायतों को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने पानी की ऊंची टंकी (ओवरहेड टैंक) का तूफानी दौरा किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ को जल निगम की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। गांव में कुल 449 घरों तक पानी पहुंचाना था, लेकिन अब तक मात्र 306 कनेक्शन ही किए गए हैं। इस सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिशाषी अधिकारी को निर्देश दिया कि शेष घरों में युद्ध स्तर पर कनेक्शन जोड़कर रिपोर्ट पेश करें।
जनरेटर का पेंच और सप्लाई का समय: सीडीओ ने लगाई क्लास
निरीक्षण में चौंकाने वाली बात सामने आई कि जनरेटर पॉइंट न होने के कारण शाम की पानी सप्लाई दोपहर में की जा रही थी। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच पानी छोड़ने से ग्रामीणों को हो रही असुविधा पर सीडीओ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि जल्द से जल्द जनरेटर की व्यवस्था कर सप्लाई को रोस्टर के अनुसार शाम 4 से 6 बजे के बीच ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुननिर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) को लेकर उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
स्वच्छता और सुरक्षा के साथ हरियाली का भी आदेश
मुख्य विकास अधिकारी ने केवल तकनीकी नहीं बल्कि परिसर की सुंदरता और सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि टंकी परिसर को अनाधिकृत लोगों के लिए बंद किया जाए और चारों ओर वृक्षारोपण कर हरियाली विकसित की जाए। पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए समय-समय पर क्लोरीनेशन और जल गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए। सीडीओ ने ग्रामीणों से भी बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि गर्मी के मौसम में पानी की एक-एक बूंद के लिए प्रशासन सतर्क है और किसी भी शिकायत का निस्तारण तत्काल किया जाएगा।



