जिलाधिकारी आलोक सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कसा तगड़ा शिकंजा
कानपुर देहात को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जिलाधिकारी आलोक सिंह ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

- कानपुर देहात में हरित क्रांति का आगाज!
- वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
- गंगा स्वच्छता पखवाड़ा और वेटलैंड सीमांकन पर चर्चा
- अनटैप्ड नालों की सैंपलिंग और जैविक उपचार के निर्देश
कानपुर देहात: कानपुर देहात को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जिलाधिकारी आलोक सिंह ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्ट्रेट के माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में आयोजित जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति और जिला वेटलैंड समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त निर्देश दिए।
हरियाली की ओर कदम:
जिलाधिकारी ने पिछले वर्षों में किए गए वृक्षारोपण की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और पौधों की सिंचाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वन विभाग और अन्य विभागों को आवंटित वृक्षारोपण लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने 100 ग्राम पंचायतों में मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण की योजना के बारे में जानकारी दी, जिससे कानपुर देहात में हरियाली की एक नई लहर आएगी।
गंगा की निर्मलता:
गंगा स्वच्छता पखवाड़े की तैयारियों पर जोर देते हुए, जिलाधिकारी ने इस कार्यक्रम में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने नदियों के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वृक्षारोपण करने और सेंगुर नदी के कैचमेंट में विशेष ध्यान देने के लिए कहा। होली पर्व के दौरान पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझ सकें।
वेटलैंड का संरक्षण:
जिला वेटलैंड समिति की समीक्षा में, जिलाधिकारी ने चिन्हित वेटलैंड्स के सीमांकन और संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। अनटैप्ड नालों के सत्यापन और सैंपलिंग के निर्देश दिए गए, ताकि दूषित पानी को नदियों में मिलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों की सक्रियता:
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा एके सिंह, उप निदेशक कृषि राम बचन राम, उपायुक्त मनरेगा और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया।
कानपुर देहात की नई पहचान:
जिलाधिकारी आलोक सिंह ने कहा कि कानपुर देहात को एक हरित और स्वच्छ जिला बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने जनता से भी पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। इस बैठक ने कानपुर देहात में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को एक नई दिशा दी है।



