मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 हेतु नगरीय निकायों से सीधा संवाद किया
जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा भी एन.आई.सी. के माध्यम से इस संवाद में प्रतिभाग किया गया।

कानपुर देहात: आज मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 की महत्वाकांक्षी अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के महापौर, पार्षदगण, नगरीय निकायों के अध्यक्ष व सदस्य गण सम्मिलित हुए। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा भी एन.आई.सी. के माध्यम से इस संवाद में प्रतिभाग किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमें उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश और विजन @ 2047 की दिशा में तेजी से अग्रसर करना है। इसके लिए प्रत्येक नगरीय निकाय को आत्मनिर्भर बनते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से पी.पी.पी. मॉडल पर काम करने पर बल दिया ताकि नगरीय निकाय स्वयं राजस्व उत्पन्न कर सकें और दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों के पास उपलब्ध भूमि का प्रयोग स्वावलंबी बनने हेतु योजनाबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर बताया कि विगत आठ वर्षों में कर वसूली में औसतन 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, परंतु इसे और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को मल्टीलेवल पार्किंग, मॉल, सब्जी मंडी, स्टैंड जैसे आधुनिक ढांचे विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई निधि के साथ-साथ निकायों की अपनी आय से नए मॉडल तैयार होंगे, जिससे निकाय आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे तथा उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का संतुलित विकास संभव होगा। उन्होंने उपस्थित सभी पार्षदों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने हेतु प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नगरीय क्षेत्रों को स्मार्ट स्वरूप में ढालना आवश्यक है। इसके लिए रेवेन्यू शेयर मॉडल पर काम करने का भी आह्वान किया गया। मुख्यमंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमें माननीय प्रधानमंत्री जी की सोच, विकसित भारत एवं विजन @ 2047 की तर्ज पर टीम भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने मा0 प्रधानमंत्री जी के पांच प्रण का उल्लेख करते हुए सभी नगरीय क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने महापौरों और पार्षदों से यह भी कहा कि वे विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश की अवधारणा को अपनी बोर्ड बैठकों में प्राथमिक विषय बनाएं और आगे की रणनीति पर गहन चर्चा कर विकास का ठोस ढांचा तैयार करें।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि शासन की नीतियों के अंतर्गत आप सभी को जो पुस्तक और फोल्डर उपलब्ध कराए गए हैं, उनका वाचन नियमित रूप से आयोजित गोष्ठियों में जनता के बीच किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समग्र विकास हेतु चिन्हित 12 प्रमुख सेक्टरों के आधार पर योजनाओं को समर्थ उत्तर प्रदेश @ 2047 विजन के अनुरूप तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी आह्वान किया कि वे अपने बहुमूल्य सुझाव और सहयोग प्रदेश सरकार तक पहुंचाएं। इसके लिए नागरिक बारकोड स्कैन कर अथवा https://samarthuttarpradesh.up.gov.in/ पर क्लिक कर अपने विचार साझा कर सकते हैं। अंत में मा0 मुख्यमंत्री जी ने शारदीय नवरात्र एवं दशहरा पर्व की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ज्ञापित कीं और संवाद कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
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