राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन कानपुर देहात में कार्यक्रम का हुआ आयोजन
भारत के राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम' की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज जनपद कानपुर देहात में पुलिस लाइन परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कानपुर देहात। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज जनपद कानपुर देहात में पुलिस लाइन परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में वर्षभर चलने वाले राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का हिस्सा है, जिसका शुभारंभ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में किया गया।
पुलिस लाइन परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय द्वारा पुलिस परिवार के साथ किया गया। आयोजन में ‘वन्दे मातरम’ के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन सुबह 9:50 बजे किया गया, जो पूरे देश में एक साथ प्रसारित हो रहे प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन के अनुरूप था।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारी/कर्मचारीगण ने राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रगान, स्वतंत्रता संग्राम में ‘वन्दे मातरम’ की भूमिका पर आधारित संक्षिप्त व्याख्यान शामिल रहा। यह गीत, जो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 07 नवम्बर 1875 को रचित किया गया, स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बना तथा आज भी भारतीय एकता एवं आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। पुलिस लाइन कानपुर देहात के इस आयोजन ने जिले स्तर पर राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत की, जिसमें सभी ने देशभक्ति की ज्योति प्रज्ज्वलित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह स्मरणोत्सव 07 नवम्बर 2025 से 07 नवम्बर 2026 तक चलेगा, जिसमें चार चरणों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं जनसहभागिता वाले आयोजन शामिल हैं। जनपद कानपुर देहात पुलिस प्रशासन सभी स्तरों पर इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैम्प कार्यालय पर पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा अन्य पुलिस बल के साथ लाइव चल रहे वंदे मातरम कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुना गया।
इसी क्रम जनपद के भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर समस्त थानों, समस्त शाखाओं में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया एवं टीवी चैनलों पर प्रसारित हो कार्यक्रम को सुना गया।



