रिपोर्ट कार्ड 2025: कानपुर देहात पुलिस का ‘हंटर’: 405 को सजा, 24 का एनकाउंटर
श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय का 'एक्शन प्लान': थर-थर कांपे अपराधी
- एक साल में 16 मुठभेड़ और 405 अपराधियों को न्यायालय से मिली कठोर सजा।
- ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हत्यारोपी को रिकॉर्ड समय में मृत्युदण्ड की सजा।
- साइबर सेल ने ठगी के ₹67 लाख और सर्विलांस ने 52 लाख के मोबाइल लौटाए।
- मिशन शक्ति के जरिए 2.5 लाख महिलाओं तक पहुँचकर सुरक्षा का भरोसा दिया।
कानपुर देहात: जनपद में वर्ष 2025 पुलिस की उपलब्धियों, साहसिक मुठभेड़ों और प्रभावी कानूनी पैरवी के नाम रहा। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में जनपदीय पुलिस ने न केवल अपराधियों की कमर तोड़ी, बल्कि ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ और ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से समाज में विश्वास का नया माहौल तैयार किया। साल भर चले अभियानों के परिणामस्वरूप जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया।
जीरो टॉलरेंस और अपराधियों पर शिकंजा
अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस ने इस वर्ष कड़ा रुख अपनाया। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच जनपद पुलिस और अपराधियों के बीच कुल 16 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 24 शातिर अभियुक्तों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या की 22 वारदातों का सफल अनावरण करते हुए 46 आरोपियों को जेल भेजा। इसके अलावा, 09 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट के तहत 22 अभियुक्तों को जेल भेजकर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।
ऑपरेशन कन्विक्शन: सजा दिलाने में नंबर वन
उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता वाले ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत कानपुर देहात पुलिस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। प्रभावी पैरवी के चलते रिकॉर्ड 405 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई। इसमें सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी दीपू को घटना के मात्र 10 माह के भीतर मृत्युदण्ड की सजा दिलाना सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इसके अतिरिक्त 30 अपराधियों को आजीवन कारावास और 33 अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। सजा पाने वालों में पॉक्सो और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के 46 दोषी भी शामिल हैं।
तकनीकी सफलता: साइबर राहत और त्रिनेत्र का सुरक्षा कवच
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में भी पुलिस आगे रही। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से 33 अभियोगों का सफल खुलासा किया गया। साइबर सेल और थानों की साइबर हेल्प डेस्क ने ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए लोगों के ₹67.42 लाख वापस कराए। वहीं, सर्विलांस टीम ने खोये हुए 261 मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को सौंपे, जिनकी कुल कीमत 52 लाख रुपये आंकी गई है। यातायात सुधार के लिए भी कड़े कदम उठाए गए और एमवी एक्ट के तहत उल्लंघन करने वालों से ₹11 करोड़ से अधिक का शमन शुल्क वसूला गया।
मिशन शक्ति: महिलाओं के लिए बना सुरक्षा चक्र
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के तहत जिले में व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 2.5 लाख महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। एंटी रोमियो टीमों ने कार्रवाई करते हुए 110 मनचलों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की। पुलिस ने अभियान के दौरान 72 अपहृत बालिकाओं को सकुशल बरामद किया। 1600 स्थानों पर लगाई गई चौपालों और काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया गया।
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