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सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से हैं परेशान? कानपुर देहात पुलिस की ये टिप्स आएंगी आपके काम

1090 से 112 तक... मुसीबत में बस एक कॉल की दूरी पर है पुलिस, जानें अपने कानूनी अधिकार

Story Highlights
  • श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान।
  • महिलाओं को 1090, 112 और 1076 जैसे इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी।
  • साइबर स्टॉकिंग और फिशिंग जैसे अपराधों से बचाव के लिए साझा किए गए टिप्स।
  • पॉक्सो एक्ट और घरेलू हिंसा जैसे कानूनों के प्रति महिलाओं को किया गया सजग।

कानपुर देहात: जनपद में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में बुधवार को जनपद के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुँचकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति सजग किया।

हेल्पलाइन नंबरों और डिजिटल सुरक्षा की दी जानकारी

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को संकट के समय उपयोग में आने वाले महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। महिलाओं को समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे 1090 (महिला शक्ति लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 108 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (इमरजेंसी सेवा) और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) पर तुरंत संपर्क कर सकती हैं। इसके साथ ही ‘UPCOP’ ऐप के जरिए पुलिस सेवाओं का घर बैठे लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

साइबर अपराधों से बचाव के टिप्स

बढ़ते डिजिटल युग में महिलाओं के साथ होने वाली साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष सुझाव साझा किए। टीम ने फिशिंग, साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया पर फर्जी खातों से बचने के तरीके बताए। महिलाओं को सलाह दी गई कि वे अपनी निजी जानकारी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं पर चर्चा

कानूनी सशक्तिकरण के तहत महिलाओं को पॉक्सो एक्ट (POCSO), दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण और आईटी एक्ट की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि कानून उनके साथ है और वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच न करें। साथ ही, सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया ताकि वे आर्थिक रूप से भी स्वावलंबी बन सकें।

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