लापरवाही पर महानिदेशक सख्त: ‘सेवा पखवाड़ा’ के कोर्स पूरे न करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
इस लापरवाही से नाराज होकर, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने ऐसे शिक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।

कानपुर देहात: राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान के तहत ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स पूरे न करने वाले शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस लापरवाही से नाराज होकर, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने ऐसे शिक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।
अभियान के दौरान सभी शिक्षाकर्मियों को आई-गोट (iGOT) पोर्टल पर उपलब्ध कम से कम पांच कोर्स अनिवार्य रूप से पूरे करने थे। हालांकि, जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक बड़ी संख्या में शिक्षकों ने इस निर्देश का पालन नहीं किया है।
आंकड़ों की चौंकाने वाली तस्वीर
- 2,30,134 शिक्षाकर्मियों ने एक भी कोर्स पूरा नहीं किया।
- केवल 6,220 ने 10 या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं।
- 36,221 शिक्षाकर्मियों ने 5 से 9 कोर्स पूरे किए हैं।
- 1,01,878 ने मुश्किल से दो कोर्स पूरे किए हैं।
- 88,736 ने केवल चार कोर्स पूरे किए हैं।
इन निराशाजनक आंकड़ों को देखते हुए, महानिदेशक ने सभी डायट प्रधानाचार्यों, जिला विद्यालय निरीक्षकों, बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को एक कड़ा पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि उनके स्तर पर इस उपयोगी अभियान का ईमानदारी से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया।
महानिदेशक ने मिशन कर्मयोगी के तहत निर्धारित समय में न्यूनतम पांच कोर्स अनिवार्य रूप से पूरे करने का निर्देश दिया है।



