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शिकारगंज चौकी के सामने अवैध बार, कार्रवाई कब?

वैसे तो शराब व बीयर की दुकानों पर बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी है। बावजूद इसके नगर से गांव तक शराब की दुकानों के समीप संचालित अवैध चखना सेंटर बार बनी हुई हैं। नगर व गांव में इसकी वजह से दुकान की तरफ से गुजरने वाली महिलाओं और छात्राओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

Story Highlights
  • अवैध चखना सेंटर बना बार, आबकारी विभाग मौन
  • चकिया: अवैध शराब और चखना दुकानों का अड्डा

आबकारी विभाग की लचरता से अवैध ढाबा व चखना दुकानों में छलक रहा जाम, कब होगी कार्रवाई

खुलेआम चल रहा पीने- पिलाने का दौर, अवैध चखना सेंटर बना बार

शिकारगंज पुलिस चौकी के ठीक सामने शराब व बीयर दुकान के पीछे अवैध चखना की दुकान धड़ल्ले से हो रही संचालित

चकिया, चंदौली। वैसे तो शराब व बीयर की दुकानों पर बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी है। बावजूद इसके नगर से गांव तक शराब की दुकानों के समीप संचालित अवैध चखना सेंटर बार बनी हुई हैं। नगर व गांव में इसकी वजह से दुकान की तरफ से गुजरने वाली महिलाओं और छात्राओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय विकास खंड के शिकारगंज में शराब दुकानों के समीप अवैध चखना सेंटर की दुकाने खुलेआम देर रात तक संचालित हो रही हैं। इन चखना सेंटरों के पास से गुजरने वाले आम राहगीरों, महिलाओं और युवतियों को अनेकों परेशानी हो रही है। कई बार महिलाओं को शराबियों की अभद्र टीका-टिप्पणी का भी सामना करना पड़ रहा है। इन दुकानों के पास नशे की हालत में शराबियों की आपस में मारपीट और गाली-गलौच सामान्य सी बात हो गई है। इससे किसी बड़े अनहोनी की संभावना से इंकार नही किया जा सकता। इसके बावजूद आबकारी और पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई नही होना समझ से परे है। क्षेत्रवासी इन अवैध चखना सेंटरों के साथ प्रशासन का सांठगांठ होने का भी आरोप लगा रहे है। शिकारगंज पुलिस चौकी के ठीक सामने शराब व बीयर की दुकान है, जिसके पीछे अवैध तरीके से चखना की दुकान धड़ल्ले से संचालित होती है। प्रशासन का डर इन संचालकों पूरी तरह नहीं है।

खुलेआम दुकानों में बिक रही है शराब

चखना सेंटरों और व पास स्थित ढाबों में शराब पिलाने के साथ ही अवैध रूप से शराब भी बेचा जा रहा है। देर रात तक इन दुकानों के पास शराब के शौकीनों के जमावड़े को जाम छलकाते देखा जा सकता है।

जानकारी के बावजूद पुलिस नहीं करती कार्रवाई

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग को ऐसे ठिकानों का पता भी है, समय- समय में इस मामले पर मीडिया द्वारा ख़बरें भी प्रकाशित होते रहती है, फिर भी इन ख़बरों को अनदेखा कर कार्रवाई नही करना समझ से परे है। कहीं इनका अवैध चखना सेंटरों के साथ सांठगांठ तो नही है?

दुकान में शराब पिलाने पर है प्रतिबंध

नियम के मुताबिक किसी भी दुकान पर चखना की दुकान खोलने का अधिकार नहीं है। साथ ही दुकानों पर शराब पिलाने पर भी प्रतिबंध है। प्रतिबंध के बाद भी इन दुकानों पर शराबियों को खाने-पीने के सारे इंतजाम और सुरक्षित स्थान भी मुहैया कराया जाता है।

दुकान पर शराब पिलाने की कराई जाएगी जांच

चकिया थाना प्रभारी अतुल प्रजापति ने कहा कि शराब की दुकानों पर पीने-पिलाने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। साथ ही ऐसे चल रही अवैध चखना सेंटरों और दुकानों को चिन्हित कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।

पल्ला झाड़ते नजर आया आबकारी विभाग

इस मामले को लेकर आबकारी विभाग चकिया के आबकारी इंस्पेक्टर से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था, एक माह पहले इस संबंध में सूचना दी गई थी तो उन्होंने कहा कि था मैं अभी यहां नया आया, ऐसी बात है तो कार्रवाई की जाएगी।

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