सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने की ‘पारो पिनाकी की कहानी’ की सराहना: कहा- ‘यह फिल्म आंसू नहीं, व्यवस्था से जवाब मांगती है’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी फिल्म "पारो पिनाकी की कहानी" की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी फिल्म “पारो पिनाकी की कहानी” की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। उन्होंने इस फिल्म को केवल मनोरंजन का साधन न बताते हुए इसे समाज के उस वंचित वर्ग की आवाज बताया है, जो आज भी व्यवस्था की क्रूरता का शिकार है।
व्यवस्था की क्रूरता और प्रेम की कहानी
अखिलेश यादव ने फिल्म के विषय की गहराई पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह फिल्म प्रेम और व्यवस्था की क्रूरता के बीच संघर्ष की दास्तां है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह उस आदमी की कहानी है, जो समाज की गंदगी उठाता है, सपने देखता है, लेकिन विडंबना यह है कि वह अपने उन सपनों को पूरा नहीं कर पाता।
सहानुभूति नहीं, जवाबदेही की मांग
अक्सर फिल्मों में दुखद कहानियों पर आंसू बहाए जाते हैं, लेकिन पूर्व सीएम ने इस फिल्म को लीक से हटकर बताया है। उन्होंने कहा, *”यह फिल्म आँसू नहीं, व्यवस्था से जवाब माँगती है।”* उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि फिल्म दर्शकों को केवल भावुक नहीं करती, बल्कि उन्हें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सिस्टम सफाई कर्मियों और निचले तबके के लोगों के प्रति इतना निष्ठुर क्यों है।
पूरी टीम को दी बधाई
एक सार्थक और गंभीर मुद्दे को उठाने के लिए अखिलेश यादव ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों सहित पूरी टीम को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर अच्छी फिल्म बनाना साहस का काम है और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।
फिल्म का सामाजिक संदेश
“पारो पिनाकी की कहानी” समाज के उस कड़वे सच को सामने लाती है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यह फिल्म सफाई कर्मियों के जीवन, उनके संघर्ष और समाज द्वारा उनके प्रति अपनाए जाने वाले रवैये पर एक आईना है। अखिलेश यादव द्वारा की गई यह सराहना फिल्म के सामाजिक महत्व को और बढ़ा देती है। इस दौरान आप नेता संजय सिंह और फिल्म के समस्त कलाकार मौजूद रहे।



