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एक उम्मीद के जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र पाल ने ब्यास पीठ का पूजन कर कथा वाचक का अंगवस्त्र पहनाकर किया सम्मान

भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के बिदखुरी ग्राम में 25सितम्बर से अनवरत चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथा वाचक रामू कृष्ण शास्त्री महराज ने श्रोताओं को गोवर्धन लीला की कथा सुनाई। कथा के दौरान एक उम्मीद जनकल्याण सेवा समिति के जिला उपाध्यक्ष महेंद्र पाल ने कथा में पहुंचकर ब्यास पीठ का पूजन कर कथा वाचक का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन मंगलवार को गोवर्धन पर्वत कथा का वर्णन करते हुए कथा वाचक रामू कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गोवर्धन पर्वत ने एक बार बृंदावन में भारी बाढ़ से गोपियों की रक्षा की थी

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  • धार्मिक आयोजनों से बढ़ती है सामाजिक समरसता: महेंद्र पाल

कानपुर देहात। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के बिदखुरी ग्राम में 25सितम्बर से अनवरत चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथा वाचक रामू कृष्ण शास्त्री महराज ने श्रोताओं को गोवर्धन लीला की कथा सुनाई। कथा के दौरान एक उम्मीद जनकल्याण सेवा समिति के जिला उपाध्यक्ष महेंद्र पाल ने कथा में पहुंचकर ब्यास पीठ का पूजन कर कथा वाचक का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन मंगलवार को गोवर्धन पर्वत कथा का वर्णन करते हुए कथा वाचक रामू कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गोवर्धन पर्वत ने एक बार बृंदावन में भारी बाढ़ से गोपियों की रक्षा की थी। गोवर्धन पर्वत यह घटना तब की है जब भगवान कृष्ण को आत्मबोध होने के बाद एक संकेत की प्रतीक्षा कर रहे थे। जब गुरु गागाचार्य ने यह कृष्ण को यह याद दिलाया कि वह कौन है और उनके जीवन का ध्येय क्या है। तो गोवर्धन पर खड़े खड़े कृष्ण को एक तरह का बोध हुआ। फिर भी गोकुल, गायों और गोप, गोपियों केलिए अपने प्यार के कारण उनका मन अब भी उहापोह में था। कथा को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा के दौरान एक उम्मीद जनकल्याण सेवा समिति NGO के जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र पाल ने कथा में पहुंचकर ब्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया तथा कथावाचक का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में समाज में सामाजिक समरसता का भाव जागृत होता है इसलिए हम सभी को ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में पूरी तन्मयता के योगदान देना चाहिए । व्यवस्थापक राजा यादव ने बताया कि कथा समापन के अगले दिन 2 अक्टूबर दिन गुरुवार को सभी के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया है । इस मौके पर प्रमुख रूप से राजा यादव , बुल्लन सचान, युवा समाजसेवी शोभित यादव, बउअन सचान, शिवकुमार यादव, शरद श्रीवास्व, रानी श्रीवास्तव, मुन्ना सचान, संदीप सचान, रंजीत कश्यप, लक्ष्मीनारायण कश्यप, रामजीवन कश्यप, रामनरेश यादव, थापड़ यादव, कैलाश कश्यप, श्रीकृष्ण कश्यप, पप्पू कश्यप, बलबीर यादव, जयराम यादव राहुल यादव, भोला यादव, रेशू यादव, दिनेश यादव, छोटे पाल , भारत सिंह पाल, मुलायम कश्यप, पुत्तीलाल, शशिकांत कश्यप, संतोष कश्यप, रामनारायण कश्यप, शिवदास कश्यप, मुन्नू कश्यप, बिहारी यादव, रामबाबू पाल , रामबरन पाल, सुजीत पाल, रमाकांत, गोरेलाल आदि उपस्थिति थे।

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