सीबीएसई का बड़ा फैसला, अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए छात्रों को नहीं करना होगा इंतजार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट (प्रवास प्रमाणपत्र) को जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। बोर्ड अपने छात्रों को अब डिजिलॉकर में यह सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। अब विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं उपलब्ध कराई

दिल्ली/कानपुर देहात। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट (प्रवास प्रमाणपत्र) को जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। बोर्ड अपने छात्रों को अब डिजिलॉकर में यह सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। अब विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं उपलब्ध कराई जाएगी। बोर्ड ने 2025 की परीक्षाओं से ही यह बदलाव करने का फैसला लिया है। यानी जो बच्चे 2025 में हुए 10वीं-12वीं की परीक्षा में शामिल हुए उन्हें डिजिलॉकर में सर्टिफिकेट उपलब्ध कराई जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि इसके लिए अभ्यर्थियों को कोई भी शुल्क नहीं देना होगा। इससे पहले विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। साथ ही डुप्लीकेसी की समस्या भी समाप्त होगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि विशेष परिस्थिति में माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
क्या है डिजिलॉकर-
डिजिलॉकर एक सरकारी प्लेटफॉर्म है जहां सारे डॉक्यूमेंट्स को स्टोर किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए आप कभी भी लॉगिन करके अपना सारा डॉक्यूमेंट्स और सर्टिफिकेट पा सकते हैं। यह एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म है। डिजिलॉकर के सभी डॉक्यूमेंट हर जगह मान्य हैं।



