फतेहपुर में हृदय विदारक हादसा: शादी समारोह में छत से गिरकर 5 वर्षीय मासूम के पेट में धंसी सरिया
गंभीर रूप से घायल बच्चे को कानपुर किया गया रेफर; ग्रामीणों ने अभिभावकों से निगरानी बढ़ाने की अपील की
- फतेहपुर के खखरेरू के वार्ड नंबर-12 में एक शादी समारोह के दौरान 5 वर्षीय मासूम के साथ दर्दनाक हादसा हुआ।
- खेलते-खेलते छत से गिरने के कारण बच्चे के पेट में नीचे से निकली लोहे की सरिया आर-पार धंस गई।
- स्थानीय लोगों ने सरिया काटकर बच्चे को निकाला और गंभीर हालत में उसे कानपुर रेफर किया गया है।
- बच्चा वकील अहमद का पुत्र जैन था और रिश्तेदार लड्डन पठान के घर शादी में आया था।
- ग्रामीणों ने इस घटना पर दुख जताते हुए अभिभावकों से बच्चों की निगरानी बढ़ाने की अपील की है।
खखरेरू/फतेहपुर। नगर पंचायत खखरेरू के वार्ड नंबर-12 में रविवार दोपहर एक हृदय विदारक हादसा हो गया। एक शादी समारोह में शामिल होने आए 5 वर्षीय मासूम के पेट में छत से गिरने के बाद सरिया आर-पार धंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर निवासी वकील अहमद का पुत्र जैन अपने रिश्तेदार लड्डन पठान के घर एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। हादसे के समय बच्चा घर की छत पर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, जबकि परिवार के सदस्य नीचे शादी की तैयारियों और कामकाज में व्यस्त थे।
बताया गया कि खेलते-खेलते अचानक जैन छत से नीचे गिर गया और नीचे बने मकान की छत से निकली लोहे की सरिया उसके पेट में आर-पार धंस गई। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर दौड़े। उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर सरिये को काटकर बच्चे को बाहर निकाला और तुरंत पास के एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे।
नर्सिंग होम में प्रारंभिक उपचार के बाद बच्चे की हालत बेहद नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल कानपुर रेफर कर दिया।
परिजनों से बात करने पर लड्डन पठान ने बताया कि बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका लगातार उपचार जारी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव और शादी वाले घर में मातम जैसा माहौल है। हर कोई बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर चर्चा है कि बरामदों और छतों पर सुरक्षा इंतजाम (जैसे रेलिंग या मुंडेर) न होना और बच्चों का बिना निगरानी खतरनाक स्थलों पर खेलना बड़ी दुर्घटनाओं को जन्म दे रहा है। लोगों ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे असुरक्षित स्थानों पर बच्चों की निगरानी सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।



