डेरापुर में अकीदत के साथ निकला जुलूसे मुहम्मदी: अमन और भाईचारे का दिया संदेश, हजारों की संख्या में उमड़े लोग
नई जामा मस्जिद से शुरू होकर दरगाहों पर फातिहा ख्वानी के बाद संपन्न हुआ जुलूस, पैगंबर साहब की दी गई सीख
कानपुर देहात। जनपद के डेरापुर कस्बे में derapur kanpur dehat juloos e mohammadi का आयोजन पूरी अकीदत, एहतराम और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौके पर निकाले गए इस जुलूस में हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की और अमन-चैन का पैगाम दिया।
कस्बे की प्रमुख गलियों और दरगाहों से गुजरा कारवां
जुलूसे मुहम्मदी का आगाज कस्बे की नई जामा मस्जिद से मौलाना मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती की कयादत में हुआ। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए सबसे पहले थाना चौराहा पहुंचा। इसके बाद कारवां सैयद बाबा की दरगाह पहुंचा, जहां मुल्क में शांति और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं और फातिहा पढ़ी गई।
दरगाहों पर फातिहा और शीरीनी तकसीम
सैयद बाबा की दरगाह के बाद जुलूस कस्बे के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शेख सादी बाबा की दरगाह पहुंचा। दरगाह परिसर में दरूद-ओ-सलाम का नजराना पेश किया गया और फातिहा ख्वानी की रस्म अदा की गई। इसके बाद उपस्थित जनसमूह के बीच शीरीनी और तबर्रुक का वितरण किया गया, जिसके साथ ही जुलूस का समापन हुआ।
derapur kanpur dehat juloos e mohammadi में पैगंबर साहब की सीखों पर चर्चा
इस मौके पर मौलाना मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती ने तकरीर करते हुए कहा कि हजरत पैगंबर साहब का पूरा जीवन इंसानियत, दया और सादगी की मिसाल है। उन्होंने हमेशा गरीबों की इमदाद करने, नशाखोरी व सामाजिक बुराइयों से दूर रहने, माता-पिता की खिदमत करने और सच्चाई के रास्ते पर मजबूती से चलने की ताकीद की है। उन्होंने कहा कि उनके बताए रास्तों पर चलकर ही समाज में भाईचारा और अमन कायम रखा जा सकता है।
जुलूस में प्रमुख लोगों की रही मौजूदगी
इस धार्मिक आयोजन में जमील खां, हाफिज रजा हसन चिश्ती, शहीम खां, मौलाना मुफ्ती आफताब आलम, मौलाना उबैदुल हसन चिश्ती, चांद बाबू, सैय्यद अख्तर अली एडवोकेट, मुश्ताक खां, मुजीब खां, तालिब निजामी, चेयरमैन प्रतिनिधि अंसार अली, गुड्डू फौजी और आफाक खां सहित हजारों की संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की ओर से सुरक्षा एवं यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।



