कानपुरउत्तरप्रदेशकानपुर देहातफ्रेश न्यूज
कानपुर देहात पुलिस और आईआईटी के मध्य हुआ ऐतिहासिक एमओयू
महिला सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए तकनीक व सामाजिक अनुसंधान का समन्वय

कानपुर देहात, अमन यात्रा लाइव : Kanpur Dehat पुलिस ने महिला सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग को तकनीकी व वैज्ञानिक आधार पर सशक्त बनाने के लिए आईआईटी कानपुर तथा उसके स्टार्टअप क्यूट ब्रेन्स के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस महानिरीक्षक झांसी रेंज आकाश कुलहरी, पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर रेंज यमुना प्रसाद तथा कानपुर जोन के समस्त पुलिस अधीक्षकों की मौजूदगी में आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रोफेसर ब्रज भूषण, डीन आरएंडडी प्रोफेसर जे. जी. राव और पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की सहभागिता से यह साझेदारी औपचारिक रूप से संपन्न हुई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आधुनिक अनुसंधान और डेटा विश्लेषण के माध्यम से जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण एवं सामाजिक सुरक्षा का प्रभावी मॉडल विकसित करना है।
इस संयुक्त परियोजना के अंतर्गत प्रो. ब्रज भूषण के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक सर्वेक्षण पद्धति लागू की गई, जिसके प्रथम चरण में जनवरी 2026 से रैंडम सैंपलिंग के जरिए 15 प्रमुख प्रश्नों के आधार पर 284 आंकड़े संकलित किए गए। इस अध्ययन में उन परिस्थितियों और मनोसामाजिक कारणों का गहन विश्लेषण किया गया जिनके चलते युवक-युवतियां घर छोड़कर चले जाते हैं। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण में तीन प्रमुख क्लस्टर सामने आए हैं, जिनके आधार पर भौगोलिक एवं सामाजिक-मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अनुसंधान के निष्कर्षों के आधार पर आयु-वार लक्षित कार्ययोजना बनाकर महिलाओं व किशोरियों के सशक्तीकरण के लिए प्रशिक्षण, परामर्श और कौशल विकास के बहुआयामी कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सामुदायिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ महिलाओं के प्रति अपराधों में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत प्रक्रियाओं के तहत कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त बालिकाओं एवं महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने या प्रताड़ित करने जैसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कठोर विधिक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि तकनीक, आधुनिक डेटा विश्लेषण और पुलिसिंग के इस समन्वय से जनपद में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पीड़ित सहायता तंत्र को और अधिक संवेदनशील तथा परिणामोन्मुखी बनाया जाएगा।



