यूपी के स्कूलों में बड़ा बदलाव: 50 से कम छात्र वाले स्कूलों का होगा विलय, बीएसए ने दिए कड़े निर्देश
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों की होगी पेयरिंग, एक सप्ताह में मांगी गई भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट।
UP Government School Merger की प्रक्रिया को गति देते हुए कानपुर देहात के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के एकीकरण के कड़े निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है, जिसके तहत कम छात्र संख्या और कम संसाधनों वाले परिषदीय विद्यालयों को बड़े स्कूलों के साथ एकीकृत किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक अति महत्वपूर्ण पत्र जारी कर जिले के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूरा करें।
दूरी और नामांकन के कड़े मानक
शासन के आदेशानुसार प्रदेश के जिन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र नामांकन 50 से कम है, उन सभी की अनिवार्य रूप से पेयरिंग की जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं, जिसके तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग अधिकतम 1 किलोमीटर की सीमा और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग अधिकतम 3 किलोमीटर की सीमा के अंतर्गत ही की जा सकेगी। UP Government School Merger का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और छात्रों को एक प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
एक सप्ताह में मांगी गई विस्तृत आख्या
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विकासखण्ड के पेयर्ड विद्यालयों की दूरी और छात्र संख्या का भौतिक सत्यापन करें। इसके साथ ही विद्यालय प्रबन्ध समिति द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावित प्रस्ताव और स्वयं द्वारा हस्ताक्षरित सहमति पत्र के साथ पूरी विस्तृत आख्या एक सप्ताह के भीतर जिला कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।



