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न्यायालय कर्मचारियों ने निकाली तिरंगा यात्रा: लंबित मांगों पर निर्णय न होने पर 25 अक्टूबर को लखनऊ में होगा बड़ा सत्याग्रह

2800 ग्रेड पे, एफटीसी संविदा कर्मियों के नियमितीकरण व पदोन्नति में शिथिलीकरण की मांग, बस्ती में उमड़े सैकड़ों कर्मचारी

बस्ती। शासन स्तर पर वर्षों से लंबित सेवा-संबंधी मांगों के त्वरित निराकरण के लिए court employees protest का सिलसिला अब और तेज हो गया है। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर चलाए जा रहे चरणबद्ध सत्याग्रह आंदोलन के तृतीय चरण में जनपद बस्ती शाखा के कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा के जरिए कर्मचारियों ने शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकृष्ट कराते हुए अपनी अटूट एकजुटता का प्रदर्शन किया।

न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ हैं न्यायालय कर्मचारी: भागवत शुक्ल

तिरंगा यात्रा की शुरुआत संघ के मार्गदर्शक अवध बिहारी श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मचारी एकता जिंदाबाद और वंदे मातरम के नारों के साथ हुई। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ बस्ती के अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था की अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को सुचारू बनाते हैं। इसके बावजूद शासन स्तर पर कर्मचारियों की सेवा-शर्तों, पदोन्नति और वेतन विसंगतियों पर वर्षों से निर्णय न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 25 अक्टूबर को प्रदेशभर के न्यायालय कर्मचारी लखनऊ में एकत्र होकर सत्याग्रह करेंगे।

वेतनमान, नियमितीकरण और पदोन्नति संबंधी प्रमुख मांगें

संघ के सचिव संतोष कुमार त्रिपाठी ने कर्मचारियों की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए बताया कि लिपिकीय संवर्ग के लिए प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे (लेवल-5) निर्धारित किया जाए और भर्ती की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक तय हो। इसके अतिरिक्त 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) में संविदा पर तैनात कर्मियों को तत्काल 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि देकर उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज की जाए।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद की पुनर्बहाली और भत्ते की मांग

वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी व संयुक्त सचिव रोहित कुमार जायसवाल ने बताया कि कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक पद पर पदोन्नति हेतु अर्हकारी सेवा में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए तथा 4600 ग्रेड पे वाले पदों को राजपत्रित दर्जा प्रदान किया जाए। साथ ही न्यायालयों में बयान लेखक के नए पद सृजित करने, मकान किराया भत्ते का पुनरीक्षण करने और समाप्त किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद को पुनः बहाल करने की मांग शामिल है। मीडिया प्रभारी उमेश चंद्र जायसवाल व क्रीड़ा सचिव जैनेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण अतिरिक्त कार्यभार झेल रहे कर्मियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता मिलना चाहिए।

सैकड़ों कर्मचारी तिरंगा यात्रा में रहे शामिल

तिरंगा यात्रा में प्रमुख रूप से अमित कुमार श्रीवास्तव, नियाज़ अहमद, आदर्श श्रीवास्तव, आशुतोष मणि त्रिपाठी, सुमित झा, जैनेन्द्र कुमार यादव, मनोज कुमार, राम चंद्र यादव, वैशाली गुप्ता, आराधना, प्रिन्सी, अंजू सागर, अजय प्रकाश श्रीवास्तव, शिवम तिवारी, संदीप शुक्ला, अश्वनी पाण्डेय, मनोज कुमार श्रीवास्तव, शत्रुघ्न पांडे, अंकित कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार, रामगोविंद, राधेश्याम सिंह, विनय प्रसाद तिवारी, जय प्रकाश सिंह, मेराजुद्दीन, गोविंद कुमार, बृजेश गौतम, योगेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार सैनी, श्रवण कुमार, धनंजय कुमार, सूरज पांडे, रजत शाह, अजय शाह, आशीष विश्वकर्मा, सतीश कुशवाहा, संजय सोनकर, प्रभाकर पाठक, आयुष कुमार, विजय, बृजेश, निखिल, कुलदीप द्विवेदी, सालिक राम यादव, नीरज कुशवाहा, खुशबू गौतम और दीपक कुमार श्रीवास्तव सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।


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