कानपुर देहातउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

प्रेमी संग मिलकर की थी पति की नृशंस हत्या: अदालत ने पत्नी व प्रेमी दोनों को सुनाई उम्रकैद की सजा, ऑपरेशन कन्विक्शन से मिला न्याय

कानपुर देहात एडीजे-4 कोर्ट का बड़ा फैसला, सिकंदरा में शव फेंकने वाले दोनों दोषियों पर 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया

कानपुर देहात। जनपद में जघन्य अपराधों के अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत kanpur dehat court murder life imprisonment के मामले में न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या करने और शव को सड़क किनारे फेंकने वाली कलयुगी पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 4 (एडीजे-04) ने दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा था मौत के घाट

यह सनसनीखेज खूनी वारदात 13 फरवरी 2024 को घटित हुई थी। औरैया जनपद के अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम महाराजपुर निवासी कुसुम देवी उर्फ कृष्णा ने भोगनीपुर कस्बे के मोहल्ला वाल्मीकि निवासी अपने प्रेमी गजेंद्र उर्फ पिंटू कुशवाहा पुत्र लक्ष्मीनारायण के साथ मिलकर अपने पति चंद्रभान उर्फ रवि की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने मिलकर चंद्रभान की नृशंस हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए थे। घटना के संबंध में थाना सिकंदरा में मुकदमा अपराध संख्या 32/2024 धारा 302, 201 और 34 भादवि के तहत नामजद मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

पुलिस की पुख्ता विवेचना और मजबूत पैरवी से मिली सफलता

थाना सिकंदरा पुलिस और विवेचक ने मामले में तेजी से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना की। पुलिस ने महज साढ़े तीन महीने के भीतर 31 मई 2024 को दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट पैरोकार और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में निरंतर प्रभावी पैरवी की गई। सभी चश्मदीद गवाहों की समयबद्ध गवाही और ठोस फॉरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपियों के बचाव के सभी रास्ते बंद कर दिए।

दोनों दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त जेल

न्यायालय एडीजे-04 ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन की दलीलों को सुनने के बाद 8 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त कुसुम देवी उर्फ कृष्णा और गजेंद्र उर्फ पिंटू को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। kanpur dehat court murder life imprisonment के इस सख्त फैसले से अपराधियों में खौफ और आम जनता में न्यायपालिका के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।


ये भी पढ़े-  शादी से 6 दिन पहले युवती से दुष्कर्म और हत्या का सनसनीखेज खुलासा: दो दरिंदे गिरफ्तार, लोहे की रॉड और मृतका का फोन बरामद


Related Articles

AD
Back to top button