उत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा झटका: रेलवे का नया नियम, रात 11 से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे चार्जिंग पॉइंट

ट्रेनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड का सख्त आदेश, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे कोच के सभी चार्जिंग पॉइंट; अधिकारियों को औचक निरीक्षण के निर्देश।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। यदि आप भारतीय रेलवे से यात्रा करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रेन में रात के वक्त मोबाइल या पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर बेफिक्र सो जाने वाले यात्रियों पर रेलवे बोर्ड ने नकेल कस दी है। ट्रेनों में लगातार हो रहे हादसों और आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक सभी कोचों में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का सख्त नियम लागू कर दिया है। ​

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों के अनुसार रात के इन 6 घंटों के दौरान ट्रेनों के डिब्बों में मौजूद सभी चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएंगे। बोर्ड ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे ट्रेनों का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि ऑन-ड्यूटी स्टाफ इस नियम का पालन पूरी सख्ती से कराए। नियम में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही रेल कर्मियों को जागरूक करने के लिए विशेष काउंसलिंग और ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।

​रेलवे बोर्ड का यह फैसला हाल ही में हुईं कई गंभीर घटनाओं के बाद आया है। दक्षिण पूर्व रेलवे में ट्रेन कर्मियों द्वारा तय समय पर चार्जिंग पॉइंट बंद न किए जाने के कारण चार्ज हो रहा एक यात्री का पावर बैंक अचानक फट गया जिससे पूरे डिब्बे में धुआं भर गया। इसी प्रकार की एक अन्य घटना मुंबई-हावड़ा मेल में दर्ज की गई जिसके बाद सुरक्षा कारणों से ट्रेन को बांदामुंडा स्टेशन के पास कुछ मिनटों के लिए रोकना पड़ा।

​तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार पावर बैंक में रिचार्जेबल लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरियां होती हैं। यदि बैटरी पुरानी हो, क्षतिग्रस्त हो या उसमें इंटरनल शॉर्ट-सर्किट हो जाए तो थर्मल रनअवे की स्थिति पैदा हो जाती है जिससे तापमान बेहद तेजी से बढ़ता है। अक्सर यात्री चार्जिंग पर लगे मोबाइल या पावर बैंक को तकिए के नीचे, चादर के अंदर या बैग में रख देते हैं। गर्मी बाहर न निकल पाने के कारण डिवाइस में विस्फोट या आग लग जाती है और सो रहे यात्रियों को शुरुआती धुएं या गंध का समय पर पता नहीं चल पाता। ​

ट्रेन के सीमित और बंद डिब्बों में अचानक आग या धुआं फैलने से मची भगदड़ विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे रात में चार्जिंग पॉइंट का उपयोग न करें और अपनी व सह-यात्रियों की सुरक्षा के लिए इस नियम का पूरी जिम्मेदारी से पालन करें।

Related Articles

AD
Back to top button