दिव्यांग बच्चों के खिले चेहरे: मलासा में 85 नौनिहालों को मिले मुफ्त सहायक उपकरण, एलिम्को और बेसिक शिक्षा विभाग की संवेदनशील पहल
मदर इंडिया पब्लिक स्कूल में लगा भव्य शिविर, 5 विकासखंडों के बच्चों को बांटी गईं व्हीलचेयर, कान की मशीनें और टीएलएम किट
राजेश कटियार, कानपुर देहात। विशिष्ट आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग ने एक संवेदनशील पहल की है। malasa kanpur dehat divyang children assistive devices के अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान (समेकित शिक्षा) के तहत विकासखंड मलासा के मदर इंडिया पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को एक भव्य निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में जनपद के 5 विकासखंडों से आए 85 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उनकी जरूरत के अनुसार आधुनिक उपकरण वितरित किए गए।
मापन शिविर के आधार पर 85 बच्चों को बांटे गए उपकरण
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस वितरण से पूर्व बीते 27 अगस्त 2026 को एक विशेष परीक्षण एवं मापन शिविर लगाया गया था। इसमें विशेषज्ञों द्वारा बच्चों की शारीरिक व मानसिक स्थिति की जांच कर उपकरणों की आवश्यकता तय की गई थी। शुक्रवार को आयोजित शिविर में विकासखंड अकबरपुर, अमरौधा, सरवनखेड़ा, मलासा और राजपुर के अस्थि दिव्यांगता, बौद्धिक अक्षमता, श्रवण अक्षमता तथा सेरेब्रल पाल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) से प्रभावित 85 बच्चों को लाभान्वित किया गया।
श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, रोलेटर और टीएलएम किट का वितरण
शिविर के दौरान सुनने में असमर्थ 20 बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली कान की मशीन (श्रवण यंत्र) प्रदान की गई। वहीं चलने-फिरने में असमर्थ 16 शारीरिक दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर सौंपी गई। बौद्धिक अक्षमता से जूझ रहे 30 बच्चों को उनकी पढ़ाई-लिखाई और मानसिक विकास के लिए विशेष शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) किट दी गई। इसके अतिरिक्त गंभीर रूप से चलने में असमर्थ 21 बच्चों को सहारा देने के लिए रोलेटर वितरित किए गए। नए उपकरण पाकर बच्चों और उनके अभिभावकों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बीएसए के निर्देशन में एलिम्को के सहयोग से हुआ आयोजन
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस शिविर का संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय के कुशल निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) अश्वनी कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी मलासा सपना सिंह की देखरेख में सभी पात्र बच्चों को सुगमतापूर्वक उपकरण सौंपे गए।
विशेष शिक्षकों और समन्वयकों का रहा सराहनीय योगदान
इस परोपकारी शिविर को सफल बनाने में पांचों विकासखंडों के विशेष शिक्षकों की टीम ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। इसमें अतुल, ऋषि, प्रमोद, अतहर, सुनैना, सरला, अभिषेक, विमल, शोभा और संतोष का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से जुड़े हिमांशु भदौरिया ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग दिया। malasa kanpur dehat divyang children assistive devices के इस आयोजन से ग्रामीण अंचल के जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों को नई ऊर्जा और गति मिली है।



