महारानी गार्डन में गूंजी शहनाइयां: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 76 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, डीबीटी से मिले 64 हजार रुपये
उरई में विधि-विधान से संपन्न हुआ भव्य वैवाहिक समारोह, जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
उरई। आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सम्मानपूर्वक हाथ पीले कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत उरई में भव्य आयोजन हुआ। cm samuhik vivah yojana urai के तहत महारानी गार्डन कौंच रोड उरई में आयोजित समारोह में 76 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामकर अपने नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। मांगलिक गीतों और खुशियों से भरे माहौल में विभिन्न धर्मों और समुदायों की मान्यताओं के अनुसार विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराए गए।
105 जोड़ों ने कराया था पंजीकरण, 76 का हुआ विवाह
समारोह के लिए कुल 105 जोड़ों द्वारा पंजीकरण कराया गया था, जिनमें से मौके पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद 76 जोड़ों का विवाह सकुशल संपन्न हुआ। हिंदू और मुस्लिम दोनों रीति-रिवाजों के अनुसार अलग-अलग वेदियों और निकाह स्थल पर वैवाहिक रस्में पूरी कराई गईं। समारोह में पहुंचे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने वर-वधू पर पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके सुखद, समृद्ध व मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
गरीब परिवारों का बड़ा संबल है योजना: घनश्याम अनुरागी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी ने कहा कि यह योजना निर्धन परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं है, बल्कि यह समाज में भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक सद्भाव, समानता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करती है। विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि आरपी निरंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए सतत प्रयासरत है। ऐसे आयोजनों से गरीब परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के गरिमापूर्ण ढंग से विवाह संपन्न कराने का अवसर मिलता है।
पात्र कन्याओं को 64 हजार रुपये की डीबीटी सहायता: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी समीर ने योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का ब्योरा देते हुए बताया कि शासन द्वारा पात्र कन्या के बैंक खाते में 64 हजार रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे भेजी जाती है। इसके अलावा 21 हजार रुपये मूल्य की वैवाहिक उपहार सामग्री गृहस्थी की शुरुआत के लिए प्रदान की जाती है तथा 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं व भोजन आदि पर खर्च किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य कमजोर वर्ग की बेटियों को सम्मानजनक शुरुआत देना है।
विवाह प्रमाण पत्र वितरित, अधिकारी रहे मौजूद
समारोह के दौरान अधिकारियों और अतिथियों ने सभी नवदंपतियों को अधिकृत विवाह प्रमाण पत्र सौंपे। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुहन पाठक, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव, सूर्य नायक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और वर-वधू पक्ष के परिजन उपस्थित रहे। cm samuhik vivah yojana urai के इस सफल आयोजन से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
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