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शिक्षा बनेगी खेल और आनंद: अकबरपुर बीआरसी में शिक्षकों ने सीखा वंडर बॉक्स का जादू, कठपुतली और मुखौटों से निखरेगा बच्चों का हुनर

बालवाटिका प्रशिक्षण के दूसरे दिन टीएलएम के प्रभावी इस्तेमाल पर मंथन, डाइट मेंटर व एसआरजी ने दिए नवाचार के टिप्स

कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में नन्हे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को बोझिल बनाने के बजाय रोचक और खेल-आधारित स्वरूप देने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है। akbarpur brc balvatika training wonder के अंतर्गत बीआरसी अकबरपुर के सभागार में चल रहे तीन दिवसीय बालवाटिका प्रशिक्षण के दूसरे दिन वंडर बॉक्स के प्रभावी उपयोग और गतिविधियों पर गहन मंथन हुआ। प्रशिक्षण में संदर्भदाताओं ने विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्रियों (टीएलएम) का सजीव प्रदर्शन कर शिक्षकों को बच्चों में रचनात्मकता जगाने के गुर सिखाए।

वंडर बॉक्स की सामग्रियों से विकसित होंगे बहुआयामी कौशल

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि वंडर बॉक्स में शामिल सामग्रियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में संजीवनी का काम करती हैं। इसमें मौजूद ढपली, बांसुरी, ब्लॉक्स, रस्सा सीढ़ी, हैमर, मुखौटे, कठपुतली, फ्लैश कार्ड, चित्र कार्ड और चित्र कहानी के माध्यम से बच्चों में भाषा विकास, तार्किक चिंतन, अवलोकन क्षमता, वर्गीकरण, गणितीय समझ और समस्या समाधान जैसे बुनियादी कौशल खेल-खेल में विकसित किए जा सकते हैं।

सीखना बोझ नहीं, आनंद और खोज का अनुभव बने: डाइट मेंटर

डाइट मेंटर संतोष कुमार सिंह ने जोर देकर कहा कि इस प्रशिक्षण की मूल भावना यह है कि बच्चों के लिए सीखना किसी दबाव या बोझ की तरह न होकर खोज और आनंद का सहज अनुभव बने। वहीं एआरपी आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चे स्वयं करके और देखकर सबसे तेजी से सीखते हैं। ऐसे में स्थानीय परिवेश और कम लागत वाली सामग्रियों का सदुपयोग कर खेल-आधारित शिक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न सामग्रियों का व्यावहारिक अभ्यास कर कक्षाओं में लागू करने की रूपरेखा तैयार की।

विभागीय अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद

इस प्रशिक्षण शिविर में मुख्य रूप से जिला समन्वयक निपुण देवेश धर दुबे, एसआरजी अजय कुमार गुप्ता, सीडीपीओ सुनीता कटियार, श्रद्धा शर्मा, राखी सिंह, एआरपी प्रतीक्षा त्रिपाठी, मानवेंद्र, अजय, प्रदीप सहित शिक्षक कंचन कामिनी, प्रतिभा, लकी, दीप्ती, राजेश, राजेंद्र बाबू, गौरव, उदय प्रताप, अजय सिंह, महाराज सिंह, आलोक गुप्ता आदि उपस्थित रहे। akbarpur brc balvatika training wonder के इस नवाचार से पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं की शिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


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