दिव्यांगता को मात देकर थाईलैंड में तिरंगा लहराएगी जालौन की स्वाती: इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन में चयन, डीएम ने थमाया एयर टिकट का चेक
कोंच के अमीटा गांव की बेटी स्वाती का बैंकॉक टूर्नामेंट के लिए चयन, डीएम समीर ने 41,809 रुपये की आर्थिक मदद देकर बढ़ाया हौसला
उरई, जालौन। हौसलों की उड़ान के आगे शारीरिक अक्षमताएं भी नतमस्तक हो जाती हैं, इस बात को जालौन की होनहार बेटी ने सच कर दिखाया है। jalaun swati thailand para badminton के तहत विकासखंड कोंच के ग्राम अमीटा निवासी कमलेश कुमार की पुत्री स्वाती ने अपनी अटूट मेहनत, खेल प्रतिभा और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। स्वाती का चयन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा थाईलैंड पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए किया गया है। यह वैश्विक प्रतियोगिता 24 से 29 नवंबर 2026 तक बैंकॉक (थाईलैंड) में आयोजित होगी।
बैडमिंटन एसोसिएशन की सूची में 71वें नंबर पर नाम
राष्ट्रीय खेल संघ द्वारा जारी आमंत्रण चयन सूची के क्रमांक 71 पर जगह बनाकर स्वाती ने न केवल बुंदेलखंड बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से ग्रामीण अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और हवाई यात्रा में किसी प्रकार की आर्थिक तंगी आड़े न आए, इसके लिए जिला प्रशासन आगे आया है।
डीएम समीर ने सौंपा 41,809 रुपये का चेक, बढ़ाया हौसला
जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति, उरई की ओर से स्वाती के हवाई यात्रा व्यय के लिए 41,809 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी समीर ने स्वाती को सहायता राशि का चेक प्रदान किया। उन्होंने स्वाती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह कामयाबी अन्य दिव्यांगजनों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मजबूत इच्छाशक्ति के आगे चुनौतियां पस्त: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी समीर ने कहा कि जनपद की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन हर संभव सहयोग कर रहा है। स्वाती ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वाती बैंकॉक में होने वाले टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। jalaun swati thailand para badminton में इस बेटी की उड़ान ने साबित कर दिया है कि लगन हो तो मंजिल दूर नहीं होती।



