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लापरवाही पर भड़के बीएसए: समय से पहले स्कूल बंद करने और गायब रहने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज, BEO की भी तय होगी जवाबदेही
जनगणना व चुनाव का बहाना बनाकर निर्धारित समय से पहले ताला लगाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई; छात्रों की सुरक्षा और स्वच्छता की अनदेखी पर प्रधानाध्यापकों पर गिरेगी पहली गाज।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी, देर से आने और समय से पहले ही स्कूल में ताला लगाकर गायब हो जाने की बढ़ती शिकायतों पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशीष कुमार पाण्डेय ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बीएसए ने इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आदेश जारी किया है कि अब लापरवाह शिक्षकों के साथ-साथ ब्लॉक स्तर के खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की भी सीधी जवाबदेही तय होगी।
शासकीय कार्यों का बहाना नहीं चलेगा: बीएसए के संज्ञान में आया है कि कई शिक्षक जनगणना, निर्वाचन या अन्य शासकीय कार्यों का बहाना बनाकर स्कूलों को निर्धारित समय (सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक) पर संचालित नहीं कर रहे हैं। औचक निरीक्षण और जनशिकायतों से यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि कई स्कूलों में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं रहता और बच्चे स्कूल के बाहर सड़कों पर घूमते पाए जाते हैं। बीएसए ने इसे विभागीय नियमों का खुला उल्लंघन और अराजक स्थिति बताया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश: बीएसए ने सभी BEO को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासकीय कार्यों के नाम पर बच्चों की पढ़ाई दांव पर नहीं लगाई जा सकती। यदि किसी शिक्षक, शिक्षामित्र या अनुदेशक की ड्यूटी चुनाव या जनगणना में लगती है, तो BEO की जिम्मेदारी होगी कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय का संचालन बाधित न हो। अगर भविष्य में निरीक्षण के दौरान कोई स्कूल बंद पाया गया, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित BEO की होगी और उनके खिलाफ भी शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
प्रधानाध्यापकों पर गिरेगी पहली गाज: आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के देर से आना या समय से पहले स्कूल छोड़ना गंभीर कदाचार माना जाएगा। यदि स्कूल बंद मिलता है या बच्चे परिसर से बाहर घूमते पाए गए, तो सबसे पहले वहां के प्रधानाध्यापक या इंचार्ज पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और स्वच्छता पर भी विशेष जोर: बीएसए ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा का भी व्यक्तिगत ध्यान रखें। विद्यालय परिसर में खेलकूद या अन्य गतिविधियां शिक्षकों की मौजूदगी में ही कराई जाएं। साथ ही, स्कूल परिसर और विशेष रूप से छात्र-छात्राओं के शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया है।



