जल संरक्षण और मैनेजमेंट से बनेगी युवाओं की तकदीर: ऑनलाइन वेबिनार में पल्लवी बिश्नोई ने दिए उद्यमिता के मंत्र, रोजगार के अवसर पर मंथन
रामस्वरूप ग्रामोद्योग पीजी कॉलेज व इग्नू क्लब के साझा प्रयास से जल क्षेत्र में नवाचार पर वर्चुअल टॉक, डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने की अध्यक्षता
पुखरायां, कानपुर देहात। पानी की हर एक बूंद को सहेजना और उसका सही प्रबंधन करना न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह क्षेत्र अब युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर भी लेकर आ रहा है। kanpur dehat water sector entrepreneurship के तहत रामस्वरूप ग्रामोद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां एवं इग्नू इनोवेशन क्लब लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में “Entrepreneurship and Innovation in the Water Sector” (जल क्षेत्र में उद्यमिता एवं नवाचार) विषय पर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वर्चुअल संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन को एक बेहतरीन करियर और बिजनेस मॉडल के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
युवाओं के नए आइडिया से सुलझेगा जल संकट: डॉ. अनिल कुमार मिश्रा
वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि जल संकट आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में जल संरक्षण, वाटर मैनेजमेंट और जल संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में नवाचार (इनोवेशन) की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने देश के युवाओं का आह्वान किया कि वे इस क्षेत्र में उद्यमिता के माध्यम से नए और प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए आगे आएं, जिससे न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित होगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
आधुनिक तकनीकों और नए व्यावसायिक मॉडल की जरूरत: पल्लवी बिश्नोई
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रियता से काम कर रहीं कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पल्लवी बिश्नोई ने जल क्षेत्र में उद्यमिता एवं नवाचार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), जल पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग), अपशिष्ट जल प्रबंधन (वेस्ट वाटर मैनेजमेंट) तथा जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आधुनिक तकनीकों एवं नवीन व्यावसायिक मॉडलों का प्रयोग बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर विकसित किए गए स्टार्टअप्स और उद्यम भविष्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे सकते हैं। युवाओं को अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक एवं टिकाऊ समाधान खोजने की दिशा में काम करना चाहिए।
संचालन और आभार
इस वर्चुअल वेबिनार का कुशल संचालन निदेशक डॉ. जयप्रकाश वर्मा ने किया। उन्होंने विषय की प्रासंगिकता रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को जल क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में इग्नू अध्ययन केंद्र 27211 के समन्वयक डॉ. पर्वत सिंह ने सभी अतिथियों, मुख्य वक्ताओं, विभागीय अधिकारियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के वेबिनार विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में बेहद मददगार साबित होंगे।
इस अवसर पर क्षेत्रीय केंद्र की निदेशक डॉ. रीना कुमारी, डॉ. अनामिका सिन्हा, सहायक कुलसचिव डॉ. निशीथ नागर सहित विभिन्न अध्ययन केंद्रों के समन्वयक, प्राध्यापक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं ऑनलाइन जुड़े रहे। kanpur dehat water sector entrepreneurship के इस आयोजन ने युवाओं को पर्यावरण और व्यापार के एक नए नजरिए से रूबरू कराया।



