बिग ब्रेकिंग :त्योहारों के बीच स्कूल खोलने पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा: 7 और 10 नवंबर को अवकाश घोषित करने की उठी मांग, महिला शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा
दीपावली और भैया दूज के बीच एक दिन स्कूल खोलने को बताया अव्यावहारिक, दूरदराज तैनात शिक्षकों की यात्रा और सुरक्षा पर संकट
लखनऊ/कानपुर देहात। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के पावन पर्वों के बीच परिषदीय विद्यालयों को खोलने के प्रशासनिक निर्णय से उत्तर प्रदेश के शिक्षक समुदाय में गहरा असंतोष और रोष व्याप्त हो गया है। up teachers demand diwali holiday के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बाद अब उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने भी संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। शिक्षक संगठनों ने जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर 7 नवंबर (नरक चतुर्दशी) और 10 नवंबर को तत्काल स्थानीय अवकाश घोषित करने की पुरजोर वकालत की है।
त्योहारों के बीच में एक दिन स्कूल खोलना अव्यावहारिक
शिक्षक नेताओं का कहना है कि 8 नवंबर को दीपावली, 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भैया दूज का पारंपरिक पर्व पड़ रहा है। ऐसे में इन बड़े त्योहारों के ठीक मध्य 10 नवंबर को विद्यालय खोलने का फैसला पूरी तरह से तर्कहीन और अव्यावहारिक है। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सैकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाएं अपने गृह जनपदों से सैकड़ों किलोमीटर दूर ग्रामीण अंचलों में पदस्थापित हैं। त्योहार पर घर जाने के बाद महज एक दिन विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सैकड़ों मील की यात्रा करना और फिर भाईदूज के लिए वापस लौटना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा और जिम्मेदारियों पर संकट
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने शिक्षिकाओं की व्यावहारिक व यात्रा सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। संघ के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पर्वों के समय महिला शिक्षिकाओं पर घरेलू, सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दोहरा दबाव रहता है। भीड़भाड़ और यातायात के दबाव के बीच दूर-दराज के क्षेत्रों से महज एक दिन ड्यूटी के लिए आना-जाना शिक्षिकाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत कष्टप्रद और असुरक्षित साबित होगा।
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अवकाश घोषित करे प्रशासन
समस्त शिक्षक संगठनों ने एक सुर में शासन व जिला प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों, शिक्षिकाओं और नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। संगठनों ने मांग की है कि सांस्कृतिक परंपराओं और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 7 और 10 नवंबर को स्थानीय अवकाश की आधिकारिक घोषणा की जाए, जिससे सभी कार्मिक तनावमुक्त होकर अपने परिजनों के साथ सुरक्षित त्योहार मना सकें। up teachers demand diwali holiday की इस मांग से प्रशासनिक हलकों में मंथन तेज हो गया है।



