मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 11,510 रुपये: शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने कराई पूरी रकम वापस, पीड़ित के खिले चेहरे
एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत के बाद एक्टिव हुई साइबर टीम, निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह की टीम ने जालसाजों से बचाई मेहनत की कमाई
कानपुर देहात। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत जनपद कानपुर देहात की शिवली थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। shivli police cyber fraud refund के क्रम में साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित और तकनीकी कार्रवाई करते हुए फोन हैक कर खाते से उड़ाई गई 11,510 रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि शिकायतकर्ता के बैंक खाते में सकुशल वापस करा दी है। डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ित ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
मोबाइल हैक कर खाते में लगाई थी सेंध
मामले के अनुसार ग्राम देवीपुर (थाना शिवली) निवासी राहुल कुमार पुत्र किशनलाल का मोबाइल फोन अज्ञात साइबर ठग द्वारा हैक कर लिया गया था। इसके बाद शातिर जालसाज ने उनके बैंक खाते में अवैध रूप से सेंध लगाकर 11,510 रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली थी। खाते से अचानक धनराशि कटने का मैसेज देखकर पीड़ित के होश उड़ गए। पीड़ित ने बिना देर किए 06 अक्टूबर 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
शिवली साइबर हेल्प डेस्क की तकनीकी कार्रवाई रंग लाई
शिकायत प्राप्त होते ही थाना शिवली प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हो गई। टीम ने संबंधित बैंक नोडल अधिकारियों और पेमेंट गेटवे से तुरंत संपर्क साधकर तकनीकी साक्ष्य जुटाए और धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को होल्ड कराया। लगातार की गई प्रभावी डिजिटल पैरवी के बाद 07 नवंबर 2026 को शिकायतकर्ता राहुल कुमार के बैंक खाते में पूरी धनराशि 11,510 रुपये वापस आ गई।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली थाना शिवली पुलिस टीम में निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अतुल कुमार एवं महिला कांस्टेबल प्रीति सोनकर शामिल रहीं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल खोने पर सीईआईआर पोर्टल (ceir.gov.in) तथा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत अवश्य दर्ज कराएं। shivli police cyber fraud refund की इस तत्परता से स्थानीय नागरिकों में साइबर पुलिसिंग के प्रति विश्वास बढ़ा है।



