जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें : जिलाधिकारी
जनपद में आगामी जनगणना की तैयारियों हेतु जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की प्रथम बैठक संपन्न।

कानपुर देहात: आगामी जनगणना कार्यों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपादित किए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की प्रथम बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में जनगणना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके आधार पर शासन की विभिन्न योजनाओं, संसाधनों के आवंटन एवं विकास कार्यों की रूपरेखा तय की जाती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, फील्ड स्तर पर कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय से आयोजित कर सभी गणनाकर्मियों को नवीन दिशा-निर्देशों एवं तकनीकी प्रक्रियाओं से भली-भांति अवगत कराया जाए।
बैठक में डाटा संग्रहण की पारदर्शिता, सटीकता एवं गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलत प्रविष्टि से बचने हेतु सतत निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जनसहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आमजन को जनगणना के महत्व से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य द्वारा अवगत कराया गया कि जनगणना दो चरणों में संपादित की जाएगी।
प्रथम चरण में हाउसहोल्ड (गृह-आधारित) गणना की जाएगी, जिसमें आवासीय संरचनाओं, परिवारों तथा मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विवरण संकलित किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण निर्धारित प्रारूप पर दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों चरणों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है तथा कार्मिकों की तैनाती, प्रशिक्षण एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर कार्य प्रगति पर है।बैठक में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्रवार माइक्रो-प्लान तैयार कार्य विभाजन सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादन सुनिश्चित किया जाय।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिखा शंखवार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विकास गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारीकरण उपस्थित रहे।
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