हिसार: कृषि दर्शन एक्सपो में किसानों को सिखाई गई सूक्ष्म सिंचाई तकनीक, लागत कम और मुनाफ़ा बढ़ाने पर ज़ोर
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम से खेती में आएगी खुशहाली
हरियाणा: जनपद के हिसार स्थित एनआरएफएमटीटीआई परिसर में 14 से 16 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय कृषि दर्शन एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आई कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर किसानों को आधुनिक खेती और बेहतर पैदावार के गुर सिखाए। कार्यक्रम के दौरान फिनोलैक्स प्लासन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियर राजेश कुमार प्रजापति ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह नई तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
सूक्ष्म सिंचाई से पानी और लेबर की बड़ी बचत
इंजीनियर राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाने से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचता है जिससे 70 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। इसके साथ ही खाद और दवाइयों का छिड़काव भी सीधे जड़ों में होने से उनकी बर्बादी नहीं होती। इस तकनीक से खरपतवार कम उगते हैं जिससे लेबर की लागत में कमी आती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है। उन्होंने मिनी स्प्रिंकलर और पॉलीहाउस तकनीक के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि इससे ज़मीन मुलायम बनी रहती है जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और पैदावार में वृद्धि होती है।
तकनीक अपनाने के लिए उत्साहित दिखे किसान
एक्सपो में स्टॉल पर मौजूद विशेषज्ञों ने किसानों की शंकाओं का समाधान किया। राजेश कुमार प्रजापति की बातों से प्रभावित होकर कई किसानों ने अपने खेतों में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने की सहमति जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक से फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है और कीड़ों व पतंगों से भी सुरक्षा मिलती है। किसानों ने माना कि यदि पानी की बचत और पैदावार में वृद्धि एक साथ हो तो देश का किसान तेज़ी से खुशहाली और तरक्की की ओर अग्रसर होगा।
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