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आईजीआरएस में फर्जी निस्तारण पर भड़के बीएसए: असंतोषजनक फीडबैक पर रुकेगा बीईओ का वेतन, जांच के बिना रिपोर्ट लगाने पर रोक

कागजी खानापूर्ति से शासन में छवि हो रही धूमिल, स्थलीय निरीक्षण और शिकायतकर्ता से वार्ता के बाद ही अपलोड होगी आख्या

कानपुर देहात। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में कागजी खानापूर्ति और लीपापोती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ igrs kanpur dehat प्रशासन ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने विभागीय कार्यों में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और पटल सहायकों को अंतिम चेतावनी जारी की है। बीएसए ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि शिकायतों के फर्जी निस्तारण के चलते शिकायतकर्ताओं का असंतोषजनक फीडबैक मिला, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।

बिना स्थलीय निरीक्षण व वार्ता के लग रही थीं रिपोर्ट

बीएसए द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नियमित बैठकों और लिखित निर्देशों के बावजूद ब्लॉक स्तर पर अधिकारी शिकायतों की तह तक नहीं जा रहे हैं। फील्ड में जाकर स्थलीय निरीक्षण करने या शिकायतकर्ता से दूरभाष पर सीधा संपर्क स्थापित करने के बजाय कार्यालय में बैठकर मनगढ़ंत व लीपापोती भरी आख्या पोर्टल पर दर्ज कर दी जाती है। इस लापरवाह कार्यशैली के कारण पीड़ित न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं और पोर्टल पर अपना असंतोषजनक फीडबैक दर्ज कराते हैं, जिससे शासन स्तर पर विभाग की छवि लगातार धूमिल हो रही है।

स्थलीय सत्यापन और स्पष्ट अभिमत अनिवार्य

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में प्राप्त होने वाले किसी भी संदर्भ का निस्तारण करने से पूर्व संबंधित बीईओ अनिवार्य रूप से स्थलीय जांच करेंगे और शिकायतकर्ता से बातचीत कर उसके पक्ष को सुनेंगे। की गई पूरी विधिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण निस्तारण आख्या में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारी को अपना स्पष्ट मंतव्य लिखकर ही पोर्टल पर आख्या अपलोड करनी होगी। बीएसए ने यह भी हिदायत दी कि शिकायतों के निस्तारण के लिए अंतिम तिथि की प्रतीक्षा करने की आदत छोड़ी जाए और समय से पूर्व गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

वेतन रोकने के साथ होगी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई

आदेश में चेतावनी दी गई है कि आगे से किसी भी संदर्भ में यदि गुणवत्ताहीन निस्तारण या झूठी आख्या के कारण असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित पटल प्रभारी का वेतन व मानदेय अग्रिम आदेशों तक तुरंत रोक दिया जाएगा। इसके अलावा संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध विभागीय स्तर पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। igrs kanpur dehat में बीएसए के इस कड़े फैसले से ब्लॉक स्तर के लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


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