प्रधानाध्यापकों की नेतृत्व क्षमता से ही बनेंगे निपुण विद्यालय : पंकज यादव
सक्षम प्रशिक्षण के अंतिम दिन शिक्षकों को दिया गया व्यवहारिक ज्ञान
पुखरायां: Kanpur Dehat DIET Saksham Training के समापन अवसर पर प्रधानाध्यापकों को विद्यालय प्रबंधन और प्रभावी नेतृत्व के गुर सिखाए गए। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पुखरायां में आयोजित इस पांच दिवसीय विशेष कार्यक्रम के अंतिम दिन 150 प्रधानाध्यापकों ने हिस्सा लिया। डायट प्राचार्य पंकज यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक प्रधानाध्यापक की नेतृत्व क्षमता ही उसके विद्यालय को ‘निपुण’ बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जोर दिया कि जब नेतृत्व सक्षम होगा, तभी छात्र और विद्यालय विकास की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी कौशल पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आधुनिक विद्यालय संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी और वित्तीय बारीकियों से अवगत कराया गया। इसमें पीएफएमएस (PFMS), जेम पोर्टल (GeM) और एसएनए स्पर्श (SNA Sparsh) के माध्यम से पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी गई। इसके साथ ही क्रियाशील बालवाटिका की संरचना और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने की रणनीति साझा की गई। विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल कैसे स्थापित किया जाए, इस पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
व्यवहारिक ज्ञान और गतिविधि आधारित शिक्षण
एसआरजी अनन्त त्रिवेदी ने प्रतिभागियों को गतिविधि आधारित शिक्षण और स्मार्ट (SMART) लक्ष्य निर्धारित करने के लाभ बताए। डायट मेंटर जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी ने समूह कार्य, क्विज और रोल-प्ले के माध्यम से प्रशिक्षण को रोचक और व्यवहारिक बनाया। शिक्षकों को सिखाया गया कि वे अपने स्व-विकास के माध्यम से कैसे पूरे विद्यालय के वातावरण को सकारात्मक और ऊर्जावान बना सकते हैं।
समापन और संकल्प
समापन सत्र में प्राचार्य पंकज यादव ने सभी प्रधानाध्यापकों से आह्वान किया कि वे यहाँ प्राप्त की गई सीख को अपने विद्यालयों में धरातल पर उतारें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण के बाद जनपद के अधिक से अधिक विद्यालय ‘निपुण’ श्रेणी में शामिल होंगे। इस अवसर पर डायट मेंटर विपिन कुमार शांत, मो इमरान, विनीता प्रकाश और अंजना यादव सहित कई शिक्षाविद और प्रशिक्षक मौजूद रहे।
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