मासूम से दरिंदगी करने वाले हैवान को मिली अंतिम सांस तक याद रहने वाली सजा: पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल के कठोर कारावास की सजा, रो पड़ा मुजरिम
रूरा थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कोर्ट का सख्त फैसला, 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

कानपुर देहात। मासूम बेटियों के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदों के खिलाफ न्यायपालिका और पुलिस की सख्त पैरवी ने एक बार फिर मिसाल कायम की है। kanpur dehat pocso court sentenced 20 years के तहत जनपद की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले दोषी शिशुपाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 20,000 रुपये का अर्थदंड भी ठोका है। जुर्माना राशि अदा न करने की सूरत में दरिंदे को एक वर्ष आठ माह की अतिरिक्त कठोर सजा काटनी होगी। फैसला सुनते ही मुजरिम कोर्ट रूम में कांप उठा।
इंद्ररूख गांव में मासूम के साथ दरिंदे ने की थी हैवानियत
घटनाक्रम के अनुसार, 24 मई 2023 को रूरा थाना क्षेत्र के ग्राम इंद्ररूख निवासी शिशुपाल पुत्र लाल सिंह ने वादी की नाबालिग पुत्री के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। पीड़ित परिवार की तहरीर पर थाना रूरा पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 142/2023, धारा 376एबी (भादवि) और 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था।
ऑपरेशन कन्विक्शन की आंधी में उड़े मुजरिम के होश, मजबूत पैरवी लाई रंग
मासूम पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने और समाज में नजीर पेश करने के लिए पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत केस को प्राथमिकता दी गई। विवेचक ने वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संकलन किया और वास्तविक तथ्यों को जुटाकर महज डेढ़ महीने के भीतर 12 जुलाई 2023 को अदालत में कड़ा आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया। इसके बाद थाना रूरा पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने अदालत में तारीख-दर-तारीख मजबूती से गवाहों के बयान कराए और मुजरिम को बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा।
अदालत का कड़ा फैसला: 20 साल तक जेल की सलाखों में कटेगी जिंदगी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 (बलात्संग/पॉक्सो एक्ट), कानपुर देहात की अदालत ने पत्रावली पर मौजूद ठोस साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिशुपाल को दोषी करार दिया। अदालत ने मुजरिम को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। kanpur dehat pocso court sentenced 20 years का यह ऐतिहासिक निर्णय महिला सुरक्षा और बेटियों के खिलाफ अपराध करने वाले दरिंदों के दिलों में खौफ पैदा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।



