बीएसए ने 4 विद्यालयों में किया औचक निरीक्षण, कम उपस्थिति पर जताया असंतोष, शिक्षकों को दिए कड़े निर्देश
उपस्थिति बढ़ाने, एमडीएम की गुणवत्ता में सुधार और कंपोजिट ग्रांट के शत-प्रतिशत सदुपयोग की दी हिदायत

राजेश कटियार, कानपुर देहात। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पठन-पाठन का स्तर सुधारने और शासकीय योजनाओं की धरातलीय स्थिति परखने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को अकबरपुर विकासखंड के 4 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छता, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और कंपोजिट ग्रांट के उपभोग की गहन समीक्षा की। बीएसए ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कंपोजिट ग्रांट की धनराशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग कर विद्यालयों में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि शिक्षण कार्य, बच्चों के खान-पान या स्वच्छता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्देशों की अवहेलना पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरियापुर करोसा का जायजा लिया गया जहां पंजीकृत 45 विद्यार्थियों के सापेक्ष मात्र 26 उपस्थित मिले।
इस पर बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षकों को छात्र उपस्थिति बढ़ाने और परिसर की नियमित सफाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय गौरियापुर करोसा के निरीक्षण में 74 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 61 बच्चे उपस्थित पाए गए। यहां उन्होंने मध्याह्न भोजन की पौष्टिकता एवं स्वाद में तत्काल सुधार लाने तथा स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर करने की हिदायत दी तत्पश्चात बीएसए प्राथमिक विद्यालय कृपालपुर भुगनियापुर पहुंचे, जहां 106 बच्चों के नामांकन की तुलना में उपस्थिति केवल 45 दर्ज की गई।
कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने एक विशेष पहल के तहत निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों के माता-पिता को विद्यालय बुलाकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य अभिभावक भी प्रेरित हों। अंत में प्राथमिक विद्यालय तिवारीपुर के निरीक्षण में कुल 27 के नामांकन के सापेक्ष मात्र 16 बच्चे उपस्थित मिलने पर बीएसए ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क कर नया नामांकन बढ़ाने तथा दैनिक उपस्थिति नियमित करने के कड़े निर्देश दिए।



