इंस्टाग्राम की फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ प्यार: रसूलाबाद के धर्मगढ़ बाबा मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाई शादी, परिवार ने किया था इनकार
दो साल की डिजिटल मोहब्बत पर परिजनों ने लगाई थी बंदिश, श्रद्धालुओं की मौजूदगी में एक-दूसरे को पहनाई वरमाला
कानपुर देहात। जनपद के रसूलाबाद क्षेत्र में kanpur dehat rasoolabad love marriage का एक अनोखा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के इस आधुनिक दौर में इंटरनेट के माध्यम से जुड़े दो दिलों ने तमाम सामाजिक बंदिशों को दरकिनार करते हुए विवाह कर लिया। दो साल पहले इंस्टाग्राम की एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ प्रेम संबंध परिजनों के कड़े विरोध के बावजूद अंततः विवाह के पवित्र बंधन में तब्दील हो गया।
चैटिंग से शुरू हुआ सफर और बढ़ी नजदीकियां
kanpur dehat rasoolabad love marriage के तहत जुड़े इस जोड़े में बिल्हा निवासी सूरज कुमार की पहचान करीब दो वर्ष पूर्व इटावा जनपद के भरथना क्षेत्र स्थित रामायन गांव निवासी सरस्वती देवी से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे प्रगाढ़ प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया और अपने-अपने परिजनों के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा। हालांकि दोनों पक्षों के परिजनों ने इस रिश्ते को सिरे से खारिज करते हुए विवाह कराने से इनकार कर दिया।
मंदिर में शनिदेव को साक्षी मानकर पहनाई वरमाला
परिजनों की असहमति के बाद प्रेमी युगल ने पीछे हटने के बजाय एक होने का निर्णय लिया। दोनों रसूलाबाद के प्रसिद्ध धर्मगढ़ बाबा मंदिर परिसर पहुंचे। यहां स्थित शनिदेव मंदिर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि के समक्ष फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वचन लिया।
श्रद्धालुओं ने दिया नवदंपती को आशीर्वाद
इस विवाह में परिजनों की अनुपस्थिति के बीच मंदिर परिसर में मौजूद आम श्रद्धालु ही इस अनूठे विवाह के साक्षी बने। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर नवविवाहित जोड़े का स्वागत किया और उन्हें खुशहाल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। क्षेत्र में kanpur dehat rasoolabad love marriage को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है। लोग डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के माध्यम से बने इस रिश्ते की परिणति को लेकर तरह-तरह की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।



