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कानपुर देहात क्षेत्र की प्रमुख नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज
चम्बल, यमुना और सेंगुर नदी खतरे के निशान से काफी नीचे, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा टला

कानपुर देहात, अमन यात्रा लाइव: Kanpur Dehat और आसपास के जनपदों से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों के जलस्तर में राहत भरी गिरावट दर्ज की गई है। 9 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दैनिक जलस्तर बुलेटिन के अनुसार चम्बल, यमुना और सेंगुर नदियों का प्रवाह खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है। पिछले घंटों के आकलन में अधिकांश गेज स्थलों पर जलस्तर में घटने की प्रवृत्ति देखी गई है, जबकि सेंगुर नदी का स्तर स्थिर बना हुआ है। नदियों के सामान्य बहाव के चलते तटीय एवं निचले इलाकों के ग्रामीणों और किसानों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक धौलपुर गेज स्थल पर चम्बल नदी का जलस्तर 125.15 मीटर दर्ज किया गया, जो 130.79 मीटर के खतरे के निशान से 5.64 मीटर नीचे बह रहा है और इसमें घटने का रुख है। यमुना नदी के औरैया गेज पर जलस्तर 108.25 मीटर (खतरे से 4.75 मीटर नीचे), बेहमई में 107.08 मीटर (खतरे से 7.92 मीटर नीचे), कालपी में 103.60 मीटर (खतरे से 4.40 मीटर नीचे) तथा मूसानगर में 102.64 मीटर (खतरे से 4.36 मीटर नीचे) दर्ज हुआ है। इन सभी स्थलों पर जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं लालपुर गेज स्थल पर सेंगुर नदी का जलस्तर 108.66 मीटर मापा गया, जो 111.00 मीटर के खतरे के निशान से 2.34 मीटर नीचे पूर्णतः स्थिर स्थिति में है।
जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें तटीय क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संबंधित राजस्व कर्मियों को तटवर्ती बंधों की नियमित गश्त के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई असामाजिक तत्व जल सुरक्षा उपकरणों, गेज पैमानों या तटबंधों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की निरोधात्मक प्रक्रियाओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के लोक संपत्ति क्षति निवारण संबंधी सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



