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बिना मान्यता चल रहे 5 स्कूलों पर 1-1 लाख का जुर्माना: बंद न करने पर रोज लगेगा 10 हजार दंड, कुर्की की तैयारी

सरवनखेड़ा में बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, आरटीई नियमों के उल्लंघन पर बीएसए ने जारी किए कड़े आदेश

कानपुर देहात। जनपद में शिक्षा के नाम पर अवैध रूप से दुकानदारी चला रहे फर्जी विद्यालय संचालकों के खिलाफ kanpur dehat school प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त विधिक कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षा विभाग ने लगातार मिल रही शिकायतों और चेतावनियों की अनदेखी कर बिना किसी मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे पांच विद्यालयों के संचालकों व प्रबंधकों पर एक-एक लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड लगाया है। विभाग ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों का संचालन तत्काल बंद नहीं हुआ, तो 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा।

खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर हुई बड़ी कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी सरवनखेड़ा अजीत प्रताप सिंह द्वारा 16 सितंबर 2026 को सौंपी गई स्थलीय जांच आख्या के आधार पर की गई है। जांच में स्पष्ट हुआ था कि विभागीय स्तर पर पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद इन संचालकों ने आदेशों को हवा में उड़ाते हुए बिना किसी मान्यता के कक्षाएं जारी रखीं। यह कृत्य नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 की धारा 18(1) और 18(5) का खुला उल्लंघन है, जिसमें बिना मान्यता स्कूल चलाने पर एक लाख रुपये जुर्माना और उल्लंघन जारी रहने पर प्रतिदिन 10,000 रुपये दंड का स्पष्ट विधिक प्रावधान है।

इन पांच विद्यालयों पर गिरी प्रशासनिक गाज

बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के तहत विकास खंड सरवनखेड़ा के अंतर्गत आने वाले पांच अवैध स्कूलों को चिन्हित कर दंडित किया गया है। इनमें ग्राम मोहाना का पीहू कान्वेंट स्कूल, गजनेर का शिवाजी शिक्षण संस्थान, गजनेर का ही जय बाबा लोधेश्वर जूनियर हाईस्कूल, लोहारी का एएसकेडी स्कूल तथा किसरवल नारीखेत का ए एंड जी मॉडर्न स्कूल शामिल हैं। इन सभी को तत्काल प्रभाव से अपने विद्यालय बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

एक हफ्ते में जुर्माना जमा न करने पर होगी कुर्की

बीएसए ने सभी दोषी स्कूल प्रबंधकों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे आरोपित एक लाख रुपये की अर्थदंड राशि को एक सप्ताह के भीतर संबंधित सरकारी लेखा शीर्षक में जमा कराकर रसीद कार्यालय में प्रस्तुत करें। निर्धारित समयसीमा में राशि जमा न करने की दशा में भू-राजस्व के बकाए की भांति कुर्की कर वसूली की जाएगी, जिसके लिए उप जिलाधिकारी अकबरपुर को आधिकारिक पत्र भेजा जा चुका है। kanpur dehat school क्षेत्र में बिना मान्यता चल रहे अन्य संस्थानों में इस सख्त रुख से हड़कंप मचा हुआ है।


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