शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी: मांगों पर विचार न होने से कानपुर देहात के शिक्षकों में भारी रोष
लंबित मांगों और अधिकारियों के झूठे आश्वासनों से नाराज कानपुर देहात के शिक्षकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

राजेश कटियार,कानपुर देहात। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर वादाखिलाफी और शिक्षकों के मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष राहत अली और महामंत्री राम कुमार कटियार द्वारा वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को भेजे गए एक पत्र में कहा गया है कि पूर्व में दी गई आंदोलन की घोषणा के बाद गत 11 सितंबर 2026 को विभाग के साथ एक सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई थी।
इस वार्ता में मिले आश्वासन के क्रम में संगठन ने 21 सितंबर 2026 को शिक्षकों की समस्याओं से जुड़े मांगपत्र और साक्ष्य भी अधिकारियों को सौंपे थे लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। शिक्षक संघ ने पत्र के माध्यम से तीन मुख्य लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया है जिनमें स्वीकृत चयन वेतनमान का लाभ न मिलने से प्रभावित 11 शिक्षकों का मामला, चयन वेतनमान मिलने के बाद आवास भत्ता भुगतान में आ रही विसंगति से परेशान 13 शिक्षकों की समस्या और एक ही विद्यालय में नवीन नियुक्ति के बाद दो अलग-अलग आवास भत्ता भुगतान से जुड़े 3 शिक्षकों के मामले शामिल हैं।
पदाधिकारियों का कहना है कि इन जायज मांगों का निस्तारण करने के बजाय विभाग द्वारा शिक्षकों को अनावश्यक रूप से दौड़ाया जा रहा है और अधिकारियों के झूठे आश्वासनों के कारण पूरे शिक्षक समाज में घोर कुंठा, रोष और गहरा असंतोष व्याप्त हो गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का तत्काल समाधान कर संघ को अवगत नहीं कराया गया तो शिक्षक मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



